भारत ने दुबई में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया
नई दिल्ली/दुबई: भारत ने 13 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। खास बात यह रही कि इस जीत के साथ भारत ने 2024 के फाइनल में श्रीलंका के हाथों मिली हार का भी बदला ले लिया।
हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने फाइनल में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजों ने मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजों व फील्डरों ने श्रीलंका की रन चेज को पूरी तरह दबाव में ला दिया।
भारत ने श्रीलंका के सामने रखा 184 रन का लक्ष्य
टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पारी की शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
दोनों सलामी बल्लेबाजों ने पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 57 रन जोड़ दिए। शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखते हुए सिर्फ 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह महिला टी20 एशिया कप के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक रहा।
स्मृति मंधाना ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों की शानदार साझेदारी ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई।
भारत ने 10 ओवर के बाद बिना किसी नुकसान के 98 रन बना लिए थे। इस शुरुआत ने मध्यक्रम के बल्लेबाजों को आखिरी ओवरों में खुलकर शॉट खेलने का मौका दिया।
भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 183 रन बनाए और श्रीलंका के सामने जीत के लिए 184 रन का लक्ष्य रखा।
भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पारी पर कसा शिकंजा
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय बल्लेबाजों जैसी तेजी नहीं दिखा सकी। भारतीय स्पिन गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में शानदार गेंदबाजी करते हुए लगातार विकेट हासिल किए।
स्री चरणी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने एक महत्वपूर्ण साझेदारी को शानदार रिटर्न कैच के जरिए तोड़ा और इसके बाद तीन गेंदों के अंदर दो विकेट लेकर श्रीलंका पर दबाव और बढ़ा दिया। उनकी गेंदबाजी के बाद श्रीलंका का स्कोर 102 रन पर 6 विकेट हो गया।
भारतीय फील्डरों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। नंदनी शर्मा ने एक शानदार डाइव लगाकर सेट बल्लेबाज का कैच पकड़ा और भारत की स्थिति मजबूत कर दी।
श्रीलंका की टीम 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जरूरी साझेदारियां नहीं बना सकी। भारतीय गेंदबाजों ने रन बनाने की गति पर लगातार नियंत्रण बनाए रखा और टीम को आसान जीत दिलाई।
महिला एशिया कप में भारत का शानदार रिकॉर्ड
2026 की जीत के साथ महिला एशिया कप में भारत का दबदबा और मजबूत हो गया है। भारत ने अब तक टूर्नामेंट के 10 संस्करणों में से आठ बार खिताब जीता है।
भारत इस प्रतियोगिता के इतिहास में अब तक खेले गए हर फाइनल में पहुंचा है। टीम को सिर्फ दो फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। 2018 में बांग्लादेश और 2024 में श्रीलंका ने भारत को मात दी थी।
महिला एशिया कप की शुरुआत 2004 में 50 ओवर के प्रारूप के साथ हुई थी। 2012 से इसे टी20 प्रारूप में आयोजित किया जाने लगा। भारत ने दोनों प्रारूपों में खिताब जीते हैं और टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम बनी हुई है।
2026 का खिताब भारत के लिए 2024 की हार का जवाब भी रहा। 2024 के फाइनल में श्रीलंका ने भारत को हराकर पहली बार महिला एशिया कप का खिताब जीता था। अब भारत ने दो साल बाद ट्रॉफी वापस अपने नाम कर ली है।
शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने संभाली बल्लेबाजी की कमान
फाइनल में शेफाली वर्मा भारत की प्रमुख मैच विजेताओं में शामिल रहीं। उनके तेज अर्धशतक ने टीम को पारी की शुरुआत में ही जरूरी गति प्रदान की।
यह टूर्नामेंट में वर्मा का तीसरा अर्धशतक था। नॉकआउट मुकाबले में भी उन्होंने टीम के लिए महत्वपूर्ण पारी खेली।
स्मृति मंधाना ने भी वर्मा का शानदार साथ दिया। उन्होंने 35 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और भारत की रन गति को लगातार बनाए रखा।
गेंदबाजी में स्री चरणी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समय पर लिए गए विकेटों ने श्रीलंका को बड़ी साझेदारी बनाने से रोक दिया।
शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, स्री चरणी और भारतीय फील्डरों के संयुक्त प्रदर्शन ने भारत को फाइनल में शानदार जीत दिलाई।
भारत के लिए आठवां एशिया कप खिताब क्यों है खास?
भारत का यह महिला एशिया कप खिताब टीम के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। नवंबर 2025 में भारत ने मुंबई के नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब भी जीता था।
अब एक साल के भीतर भारतीय महिला टीम ने दो बड़े खिताब अपने नाम कर लिए हैं। यह जीत 2026 के शुरुआती दौर में टी20 विश्व कप से भारत के ग्रुप स्टेज में बाहर होने के बाद टीम के लिए एक सकारात्मक वापसी भी है।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने मुश्किल परिस्थितियों से वापसी करने और बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा और प्रतिभाशाली मैच विनर्स का अच्छा संतुलन है।
आठवां एशिया कप खिताब भारतीय टीम के मजबूत बल्लेबाजी क्रम, प्रभावी गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग का प्रमाण है। भारत अब भविष्य के बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भी मजबूत दावेदार के रूप में नजर आ रहा है।
फिलहाल, इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत महिला एशिया कप के इतिहास की सबसे सफल टीम है।
