Abhishek Sharma Turns 26: अमृतसर के मैदानों से T20 वर्ल्ड चैंपियन बनने तक का सफर

Abhishek Sharma Turns 26: अमृतसर के मैदानों से T20 वर्ल्ड चैंपियन बनने तक का सफर


अभिषेक शर्मा के 26वें जन्मदिन पर जानिए अमृतसर से शुरू हुई उनकी क्रिकेट यात्रा, IPL में सफलता, भारत के लिए रिकॉर्डतोड़ T20 प्रदर्शन, 2025 एशिया कप और 2026 T20 वर्ल्ड कप जीत तक की पूरी कहानी

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में T20 बल्लेबाजी का अंदाज तेजी से बदला है। अब बल्लेबाज शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। इस नए आक्रामक अंदाज का सबसे चर्चित चेहरा बनकर उभरे हैं अभिषेक शर्मा।

4 सितंबर 2000 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे अभिषेक आज अपना 26वां जन्मदिन मना रहे हैं। सिर्फ कुछ वर्षों में उन्होंने पंजाब के जूनियर क्रिकेट से लेकर IPL और फिर भारतीय टीम तक का सफर तय किया है।

उनकी कहानी सिर्फ तेज रन बनाने या लंबे छक्के लगाने की नहीं है। इसमें बचपन की मेहनत, लगातार अभ्यास, मौके का इंतजार, असफलताओं से वापसी और सही लोगों से मिली सीख भी शामिल है।

आज अभिषेक भारत के प्रमुख T20 बल्लेबाजों में गिने जाते हैं और 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप फाइनल में 21 गेंदों पर 52 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं। भारत ने यह फाइनल 96 रन से जीता और लगातार दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया।

अमृतसर से शुरू हुई क्रिकेट की कहानी

अभिषेक शर्मा का क्रिकेट से रिश्ता बहुत छोटी उम्र में ही बन गया था। उन्होंने करीब साढ़े तीन से चार साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनके पिता राज कुमार शर्मा ने उनके शुरुआती क्रिकेट प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बचपन से ही अभिषेक के अंदर बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी करने की क्षमता भी दिखाई देती थी। यही वजह रही कि जूनियर क्रिकेट में वह एक उपयोगी ऑलराउंडर के रूप में अपनी पहचान बनाने लगे।

अमृतसर में शुरुआती क्रिकेट खेलने के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट पर लगातार ध्यान दिया। इसी दौरान पंजाब के जूनियर क्रिकेट सर्किट में उनकी मुलाकात शुभमन गिल से भी हुई। दोनों ने उम्र-समूह क्रिकेट में साथ खेला और एक समय अंडर-14 स्तर पर पारी की शुरुआत भी की।

जूनियर क्रिकेट में ही दिखने लगी थी बड़ी क्षमता

अभिषेक ने बहुत कम उम्र में ही अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचना शुरू कर दिया था।

2015-16 के विजय मर्चेंट ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन खास रहा। BCCI के अनुसार उन्होंने टूर्नामेंट में 12 पारियों में 1,200 रन बनाए और गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 विकेट लिए। वह उस टूर्नामेंट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में रहे।

यह प्रदर्शन इस बात का संकेत था कि अभिषेक सिर्फ प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंद से भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं।

2016 अंडर-19 एशिया कप ने दिलाई बड़ी पहचान

अभिषेक के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 2016 का ACC अंडर-19 एशिया कप रहा।

उन्होंने भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी की। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में उन्होंने बल्ले से 29 रन बनाए और गेंदबाजी में 4 विकेट लेकर 37 रन दिए।

भारत ने यह मुकाबला 34 रन से जीता और एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। अभिषेक को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए Player of the Match चुना गया।

उस टीम में शुभमन गिल भी शामिल थे। आगे चलकर दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई।

इसके बाद अभिषेक 2018 में भारत की अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम का भी हिस्सा रहे।

IPL ने दिया बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका

अभिषेक शर्मा को 2018 IPL नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने ₹55 लाख में खरीदा था। उसी सीजन उन्हें IPL में डेब्यू करने का मौका मिला।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ अपने शुरुआती IPL मुकाबलों में उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों पर नाबाद 46 रन बनाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक दिखा दी। उनकी पारी में चार छक्के शामिल थे।

हालांकि, शुरुआती IPL वर्षों में उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिला। यही दौर उनके लिए सीखने और अपने खेल को समझने का समय बना।

2022 में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ आया बड़ा बदलाव

2022 में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ अभिषेक को ज्यादा नियमित अवसर मिलने लगे।

उस सीजन उन्होंने 14 मैचों में 426 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 133 से ज्यादा रहा और उन्होंने दो अर्धशतक लगाए।

यह सीजन अभिषेक के लिए इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि पहली बार उन्होंने IPL में लगातार बल्लेबाजी करते हुए अपनी क्षमता दिखाने का मौका पाया।

लेकिन असली बदलाव अभी बाकी था।

IPL 2024 ने बदल दी पूरी तस्वीर

2024 का IPL सीजन अभिषेक शर्मा के करियर का सबसे बड़ा turning point साबित हुआ।

सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पारी की शुरुआत करते हुए उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहद आक्रामक क्रिकेट खेला। उन्होंने 16 मैचों में 484 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 204.21 रहा।

इस सीजन उन्होंने 42 छक्के लगाए, जो पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा थे। उनका सर्वोच्च स्कोर 75* रहा।

ट्रेविस हेड के साथ उनकी ओपनिंग जोड़ी ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। दोनों बल्लेबाजों का तरीका साफ था—पहली गेंद से ही गेंदबाज पर दबाव बनाना।

अभिषेक की खासियत यह थी कि वह पावरप्ले में समय बर्बाद करने के बजाय तुरंत बड़े शॉट लगाने की कोशिश करते थे।

भारत के लिए डेब्यू में लगा झटका, लेकिन अगली ही पारी में शतक

IPL 2024 के शानदार प्रदर्शन के बाद अभिषेक को भारतीय टीम में जगह मिली।

उन्होंने जुलाई 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना T20I डेब्यू किया। पहली ही अंतरराष्ट्रीय पारी में वह बिना खाता खोले आउट हो गए।

लेकिन अभिषेक ने उस निराशा को ज्यादा देर अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

अगले ही मैच में उन्होंने 46 गेंदों पर अपना पहला T20I शतक जड़ दिया। उन्होंने 100 रन की पारी में आठ छक्के और सात चौके लगाए। भारत ने उस मुकाबले में जिम्बाब्वे को 100 रन से हराया।

यह पारी बताती है कि अभिषेक दबाव के बाद तेजी से वापसी करने की क्षमता रखते हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ 135 रन ने दुनिया का ध्यान खींचा

फरवरी 2025 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ अभिषेक ने अपने T20I करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली।

उन्होंने सिर्फ 54 गेंदों पर 135 रन बनाए। इस पारी में 13 छक्के और कई शानदार स्ट्रोक शामिल थे। उन्होंने अपना शतक सिर्फ 37 गेंदों में पूरा किया।

उस समय यह किसी भारतीय बल्लेबाज का T20I में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था।

भारत ने इस मुकाबले में इंग्लैंड को 150 रन से हराया और पांच मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम की।

इस पारी ने यह साफ कर दिया कि अभिषेक सिर्फ IPL में आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मैच का रुख बदल सकते हैं।

2025 एशिया कप में बना भारत का बड़ा हथियार

2025 का एशिया कप अभिषेक के अंतरराष्ट्रीय करियर का एक और बड़ा अध्याय रहा।

उन्होंने टूर्नामेंट में 7 मैचों में 314 रन बनाए। उनका औसत 44.85 और स्ट्राइक रेट करीब 200 रहा। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें Player of the Tournament चुना गया।

इस टूर्नामेंट में अभिषेक ने भारत को पावरप्ले में तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी संभाली और लगातार बड़े स्कोर बनाने में योगदान दिया।

ICC रैंकिंग में बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

एशिया कप के शानदार प्रदर्शन का असर ICC T20I बल्लेबाजी रैंकिंग में भी दिखाई दिया।

अक्टूबर 2025 में अभिषेक ने 931 रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए। यह उस समय पुरुष T20I बल्लेबाजों के लिए सबसे ज्यादा रेटिंग थी।

उन्होंने इंग्लैंड के डेविड मलान के 919 रेटिंग पॉइंट्स के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।

बाद में रैंकिंग बदलती रही, लेकिन 931 पॉइंट्स का career-best mark आज भी अभिषेक के करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। जुलाई 2026 की ICC रैंकिंग में भी उनका career-best 931 दर्ज है।

2025 में सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही नहीं, पूरे T20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन

अभिषेक का 2025 सिर्फ भारतीय टीम तक सीमित नहीं रहा।

Wisden के अनुसार उन्होंने 2025 में सभी T20 मुकाबलों में 1,602 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट करीब 202 रहा। वह एक कैलेंडर वर्ष में 1,000 से ज्यादा T20 रन 200 से अधिक स्ट्राइक रेट के साथ बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने।

इसी शानदार साल के लिए उन्हें Wisden’s Leading T20 Cricketer in the World for 2025 चुना गया, जिसकी घोषणा 2026 में हुई।

यह सम्मान उनके बढ़ते कद को दर्शाता है।

2026 T20 वर्ल्ड कप में मुश्किल दौर से निकले

2026 T20 वर्ल्ड कप अभिषेक के लिए आसान नहीं रहा।

टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में वह लगातार बड़ी पारी नहीं खेल पाए। लगातार तीन बार शून्य पर आउट होने के बाद उनके फॉर्म को लेकर सवाल भी उठे। इसके बाद भी टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा।

फिर महत्वपूर्ण मुकाबलों में उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ और फाइनल तक पहुंचते-पहुंचते उन्होंने अपनी लय वापस हासिल कर ली।

वर्ल्ड कप फाइनल में 21 गेंदों पर 52 रन

न्यूजीलैंड के खिलाफ 2026 T20 वर्ल्ड कप फाइनल में अभिषेक ने दिखाया कि बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच भी वह कितना प्रभाव डाल सकते हैं।

उन्होंने सिर्फ 21 गेंदों पर 52 रन बनाए और अपना अर्धशतक महज 18 गेंदों में पूरा किया। यह 2026 T20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज अर्धशतक था और T20 वर्ल्ड कप के knockout मुकाबले में भी यह बेहद तेज अर्धशतकों में शामिल रहा।

अभिषेक और संजू सैमसन ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 98 रन जोड़े।

भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरा T20 वर्ल्ड कप खिताब जीता और लगातार दूसरी बार यह ट्रॉफी अपने नाम की।

अभिषेक की 52 रन की पारी भारत की बड़ी जीत की नींव रखने वाली पारियों में से एक रही।

युवराज सिंह का रहा बड़ा प्रभाव

अभिषेक की बल्लेबाजी में युवराज सिंह का प्रभाव साफ दिखाई देता है।

लॉकडाउन के दौरान युवराज ने अभिषेक के साथ काफी काम किया। उनके पिता राज कुमार शर्मा के अनुसार, युवराज ने उन्हें बल्लेबाजी के साथ फिटनेस, मानसिक तैयारी और मैच की परिस्थितियों को समझने पर भी काम करने की सलाह दी।

युवराज की एक खास सलाह थी कि सिर्फ चौके-छक्कों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत के समय सिंगल और डबल भी लेने चाहिए।

इसका असर अभिषेक के खेल में धीरे-धीरे दिखाई दिया। आज वह सिर्फ बड़े शॉट लगाने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि जरूरत के अनुसार स्ट्राइक रोटेट करने की क्षमता भी विकसित कर चुके हैं।

Brian Lara से मिली अलग तरह की सीख

सनराइजर्स हैदराबाद के साथ काम करते हुए अभिषेक को वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज Brian Lara से भी सीखने का मौका मिला।

Lara ने अभिषेक के बैट स्विंग को बेहतर बनाने के लिए उन्हें गोल्फ खेलने की सलाह दी थी। अभिषेक के पिता के अनुसार, गोल्फ से उनके बैट स्विंग और टाइमिंग पर सकारात्मक असर पड़ा।

इसके अलावा अभिषेक ने अपनी grip, stance और शॉट selection पर भी काम किया।

इस तरह युवराज की तकनीकी और मानसिक सलाह तथा Lara की अलग सोच ने अभिषेक के खेल को और निखारने में मदद की।

आखिर अभिषेक की बल्लेबाजी में ऐसा क्या खास है?

अभिषेक की सबसे बड़ी ताकत उनका intent है।

वह गेंदबाज को पहले ही ओवर से चुनौती देने में विश्वास रखते हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण वह गेंदबाजों के लिए अलग तरह की चुनौती पैदा करते हैं।

उनकी बल्लेबाजी की कुछ प्रमुख खूबियां हैं:

  • पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की क्षमता
  • तेज गेंदबाजों के खिलाफ बड़े शॉट
  • स्पिन के खिलाफ पैरों का अच्छा इस्तेमाल
  • मजबूत बैट स्विंग
  • लंबे छक्के लगाने की क्षमता
  • गेंद की लाइन के अनुसार जल्दी शॉट खेलने की क्षमता
  • दबाव में भी आक्रामक मानसिकता

हालांकि उनका खेल सिर्फ ताकत पर आधारित नहीं है। समय के साथ उन्होंने strike rotation, shot selection और match situation को समझने पर भी काम किया है।

यही बदलाव उन्हें एक अधिक complete T20 बल्लेबाज बना रहा है।

आंकड़ों से ज्यादा बड़ी है उनकी कहानी

अभिषेक शर्मा की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी सफलता अचानक नहीं आई।

उन्होंने पहले जूनियर क्रिकेट में खुद को साबित किया। फिर अंडर-19 स्तर पर कप्तानी की, IPL में शुरुआती मौके मिले, लेकिन नियमित जगह बनाने के लिए इंतजार करना पड़ा।

2022 में उन्हें IPL में ज्यादा जिम्मेदारी मिली। 2024 में उन्होंने खुद को एक explosive opener के रूप में स्थापित किया। 2024 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद उन्होंने उसी साल अपना पहला T20I शतक लगाया।

2025 में उन्होंने एशिया कप में Player of the Tournament का पुरस्कार जीता और ICC रैंकिंग में 931 का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 2026 में वह भारत की T20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा बने और फाइनल में तेज अर्धशतक लगाकर अपनी छाप छोड़ी।

26 साल की उम्र में हासिल की बड़ी उपलब्धियां

अभिषेक शर्मा के अब तक के करियर की कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

सालउपलब्धि
2015-16विजय मर्चेंट ट्रॉफी में 1,200 रन और 57 विकेट
2016अंडर-19 एशिया कप विजेता
2016एशिया कप फाइनल में 4/37 और Player of the Match
2018भारत की अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा
2018IPL डेब्यू और 19 गेंदों पर 46* रन
2022IPL में 426 रन
2024IPL में 484 रन और 42 छक्के
2024जिम्बाब्वे के खिलाफ पहला T20I शतक
2025इंग्लैंड के खिलाफ 54 गेंदों पर 135 रन
2025एशिया कप में 314 रन और Player of the Tournament
2025ICC T20I करियर-बेस्ट 931 रेटिंग पॉइंट्स
2026T20 वर्ल्ड कप विजेता
2026फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 21 गेंदों पर 52 रन
2026Wisden Leading T20 Cricketer in the World for 2025

अमृतसर के मैदान से वर्ल्ड कप की ट्रॉफी तक

26 साल की उम्र में अभिषेक शर्मा ने वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसके लिए कई क्रिकेटर पूरी जिंदगी मेहनत करते हैं।

लेकिन उनकी कहानी की खासियत सिर्फ रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं हैं। असली कहानी उस खिलाड़ी की है जिसने कम उम्र में बल्ला उठाया, जूनियर क्रिकेट में खुद को साबित किया, IPL में मौके का इंतजार किया, खराब शुरुआत के बाद वापसी की और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई।

उनकी बल्लेबाजी में आज भी वही बेखौफ अंदाज दिखाई देता है जो अमृतसर के शुरुआती क्रिकेट मैदानों में दिखाई देता था।

फर्क सिर्फ इतना है कि अब उनके शॉट देखने के लिए मैदान छोटा पड़ जाता है और सामने दुनिया के सबसे बड़े गेंदबाज होते हैं।

2026 में T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतने के बाद अभिषेक के करियर को एक नई पहचान मिल चुकी है। लेकिन 26 साल की उम्र में उनके सामने अभी लंबा रास्ता है।

अगर उनका मौजूदा आत्मविश्वास, आक्रामकता और सीखने की भूख बनी रहती है, तो आने वाले वर्षों में अभिषेक शर्मा भारतीय T20 क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजों में अपना नाम और मजबूत कर सकते हैं।

अमृतसर से शुरू हुआ यह सफर अब विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच तक पहुंच चुका है—और अभिषेक शर्मा की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

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