आज के दिन ही एजबेस्टन में भारत ने रचा था इतिहास: इंग्लैंड को 336 रन से हराकर सीरीज की थी बराबरी

आज के दिन ही एजबेस्टन में भारत ने रचा था इतिहास: इंग्लैंड को 336 रन से हराकर सीरीज की थी बराबरी

6 जुलाई 2025 को भारतीय क्रिकेट टीम ने एजबेस्टन में पहली बार टेस्ट जीतकर इतिहास रचा था। शुभमन गिल के 430 रन और आकाश दीप के 10 विकेट की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को 336 रन से हराकर सीरीज 1-1 से बराबर की थी।

नई दिल्ली: आज ही के दिन यानी 6 जुलाई 2025 को, बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम ने एक ऐसा इतिहास रचा था, जिसका इंतज़ार वर्षों से था। दूसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारत ने इंग्लैंड को 336 रनों के बड़े अंतर से हराया था। इस जीत ने न सिर्फ पांच मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी सीरीज़ को 1-1 से बराबर किया था, बल्कि यह शुभमन गिल के कप्तानी करियर की पहली जीत और विदेशी ज़मीन पर भारत की रनों के लिहाज़ से सबसे बड़ी जीत भी बनी थी।

सबसे खास बात यह रही थी कि भारत ने अपने नौवें प्रयास में जाकर एजबेस्टन पर पहली बार जीत हासिल की थी। इससे पहले भारत को इस मैदान पर सात बार हार का सामना करना पड़ा था, और आखिरी बार भारत ने यहां 1967 में कोई मैच जीता था।

शुभमन गिल की धमाकेदार बल्लेबाज़ी

भारत ने टॉस हारने और जसप्रीत बुमराह की गैर-मौजूदगी के बावजूद शानदार शुरुआत की थी। यशस्वी जायसवाल ने पहली पारी में 87 रन बनाकर मजबूत आधार तैयार किया था। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और रवींद्र जडेजा ने छठे विकेट के लिए 203 रनों की साझेदारी की थी, जिसमें जडेजा 89 रन बनाकर आउट हुए थे। गिल ने पहली पारी में 269 रनों की पारी खेली थी, जो उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर था। भारत की पहली पारी 587 रनों पर सिमटी थी।

जवाब में इंग्लैंड की टीम हैरी ब्रूक (158) और जेमी स्मिथ (184) के बीच छठे विकेट के लिए हुई 303 रनों की विस्फोटक साझेदारी की मदद से 407 रनों तक पहुंच गई थी।

दूसरी पारी में गिल ने फिर कमाल दिखाया था और 161 रन बनाए थे। केएल राहुल, ऋषभ पंत और जडेजा ने भी अर्धशतक जमाए थे, जिससे भारत ने 427/6 पर पारी घोषित की थी। इस तरह गिल का मैच में कुल रन-योग 430 रहा था, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक मैच में दूसरा सर्वाधिक व्यक्तिगत रन-योग है। इस प्रदर्शन के लिए गिल को मैन ऑफ द मैच चुना गया था।

इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 608 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा गया था, जिसे व्यावहारिक रूप से असंभव माना जा रहा था।

आकाश दीप जो बुमराह की जगह लेकर बने थे मैच के हीरो

बुमराह की अनुपस्थिति में मौका पाने वाले आकाश दीप ने अपने करियर का सबसे बड़ा प्रदर्शन किया था। यह उनका सिर्फ तीसरा टेस्ट मैच था, लेकिन उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी को बुरी तरह तोड़ दिया था।

पहली पारी में आकाश ने बेन डकेट, ओली पोप, हैरी ब्रूक और क्रिस वोक्स को आउट करते हुए 4/88 के आंकड़े हासिल किए थे। मोहम्मद सिराज ने भी इस पारी में 6/70 लेकर शानदार साथ दिया था।

दूसरी पारी में आकाश दीप का जादू और तेज़ हो गया था। उन्होंने डकेट और जो रूट को चौथे दिन के आखिरी सत्र में आउट किया था। पांचवें दिन बारिश से बाधित सुबह के बाद, उन्होंने ओली पोप के स्टंप उड़ाए थे और हैरी ब्रूक को पगबाधा किया था। जेमी स्मिथ (88 रन, इस पारी के सर्वोच्च स्कोरर) का विकेट लेकर उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला पांच विकेट हॉल पूरा किया था, और अंत में ब्रायडन कार्स को शुभमन गिल के हाथों कवर पर कैच कराकर मैच खत्म कर दिया था। उनके दूसरी पारी के आंकड़े रहे थे 6/99।

इस तरह आकाश दीप ने पूरे मैच में 10/187 के आंकड़े के साथ इंग्लैंड की धरती पर किसी भारतीय गेंदबाज़ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था, जिससे चेतन शर्मा का 1986 का पुराना रिकॉर्ड (10/188, वह भी बर्मिंघम में) टूट गया था। आकाश दीप, चेतन शर्मा के बाद इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज़ बने थे।

इंग्लैंड की दूसरी पारी महज़ 271 रनों पर सिमट गई थी, और इस तरह भारत को 336 रनों की ऐतिहासिक जीत मिली थी।

एजबेस्टन का ‘जिन्न’ आखिरकार टूटा

एजबेस्टन भारतीय क्रिकेट के लिए वर्षों से एक ‘मनहूस’ मैदान रहा था। इस मैदान पर भारत ने अपने पिछले सभी प्रयासों में हार का सामना किया था। इस जीत के साथ भारत इस मैदान पर टेस्ट मैच जीतने वाली पहली एशियाई टीम बन गया था। यह जीत भारत की विदेशी सरज़मीं पर रनों के लिहाज़ से सबसे बड़ी टेस्ट जीत भी दर्ज हुई थी।

सीरीज़ की स्थिति और आगे की राह

इस जीत से पहले इंग्लैंड ने हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में बढ़त बनाई थी। इस जीत के बाद सीरीज़ 1-1 से बराबर हो गई थी, और दोनों टीमें लॉर्ड्स में होने वाले अगले मुकाबले की तैयारी में जुट गई थीं। बुमराह की गैर-मौजूदगी में मिली इस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत किया था।

मैच के बाद की प्रतिक्रियाएं

मैच के बाद शुभमन गिल ने अपने गेंदबाज़ों की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि पिछली हार के बाद टीम ने जिन बातों पर काम करने की बात की थी, टीम उन पर पूरी तरह खरी उतरी, और गेंदबाज़ी व फील्डिंग में वापसी शानदार रही। उन्होंने आकाश दीप के प्रदर्शन को खास तौर पर सराहा था, यह कहते हुए कि मुश्किल पिच पर भी वे गेंद को दोनों तरफ मूव कराने में कामयाब रहे थे।

क्रिकेट जगत में इस जीत को भारतीय टीम की गहराई और विदेशी परिस्थितियों में उनके लचीलेपन के सबूत के तौर पर देखा गया था। यह मैच युवा कप्तान गिल के नेतृत्व में भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक नए दौर की शुरुआत के तौर पर भी याद किया गया था।

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