दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास आधी रात में चले बुलडोजर

दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास आधी रात में चले बुलडोजर

फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण पर कार्रवाई, पथराव-आंसू गैस से भड़का तनाव! पूरा मामला जाने क्या है?

आज 7 जनवरी 2026 को दिल्ली के पुराने इलाके तुर्कमान गेट में पूरी रात तनाव भरा माहौल रहा। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर चलाए और ये कार्रवाई आधी रात करीब 1 बजे शुरू हुई और सुबह तक चली। मौके पर 17 से 30 तक बुलडोजर और JCB मशीनें लगी हुई थीं, साथ में ढेर सारी पुलिस और RAF की फोर्स भी तैनात थी।

आखिर बुलडोजर क्यों चले?

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक MCD ने ये कदम उठाया। कोर्ट ने कहा था कि मस्जिद के पास सरकारी जमीन पर बहुत सारे अवैध ढांचे बने हुए हैं।इन्हें हटाने के लिए MCD को समय दिया गया था, इसलिए अब बुलडोजर चलाकर वो निर्माण हटाए जा रहे हैं। नवंबर 2025 (12 नवंबर) में हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि रामलीला मैदान के पास जितनी भी सरकारी जमीन पर 38,940 वर्ग फुट का अतिक्रमण है। 3 महीने का समय हटाने के लिय MCD और PWD ने दिया था। अक्टूबर 2025 में जॉइंट सर्वे हुआ, जिसमें पाया गया कि मस्जिद के आसपास रोड, फुटपाथ, बारात घर (community hall/banquet hall), पार्किंग, प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर/क्लिनिक जैसे ढांचे अवैध तरीके से बने थे।

MCD ने दिसंबर 2025 (22 दिसंबर) में नोटिस जारी किया कि मस्जिद या कब्रिस्तान के नाम पर ये व्यावसायिक इस्तेमाल “ब्लाटेंट मिसयूज” है और 0.195 एकड़ (मस्जिद का मूल क्षेत्र) से ज्यादा जमीन पर कोई ढांचा नहीं रह सकता। मस्जिद कमिटी और दिल्ली वक्फ बोर्ड का दावा है कि ये जगह 100 साल पुरानी है और “waqf by user” (उपयोग से वक्फ) है, लेकिन L&DO (Land & Development Office) कहता है कि जमीन कभी वक्फ को ट्रांसफर नहीं हुई – ये सरकारी रिकॉर्ड में है।

6 जनवरी को हाईकोर्ट ने मस्जिद कमिटी की याचिका पर नोटिस जारी किया, लेकिन कोई स्टे (रोक) नहीं लगाई, इसलिए MCD ने रात में ही एक्शन इसलिए लिया ताकि शायद भीड़ कम रहे और तनाव कम हो ।

रात में क्या-क्या हुआ?

  • जैसे ही बुलडोजर शुरू हुए, बुलडोजर के सामने सैकड़ों लोग जमा हो गए और गलत अफवाह भी फैली कि “मस्जिद तोड़ी जा रही है” – पुलिस ने बार-बार क्लियर किया कि मुख्य मस्जिद या कब्रिस्तान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, सिर्फ आसपास के अवैध हिस्से (बारात घर, क्लिनिक, दुकानें) हटाए गए।
  • गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, बैरिकेड तोड़े, स्लोगन लगाए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े (करीब 4-5 दर्जन शेल्स)।
  • 5 पुलिसकर्मी घायल हुए (माइनर इंजरी)।
  • पुलिस ने 5-10 लोगों को हिरासत में लिया/गिरफ्तार किया। FIR दर्ज है, CCTV, बॉडी कैमरा और 100+ वीडियो से उपद्रवियों की पहचान हो रही है। पुलिस कहती है कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर कम्यूनल टेंशन भड़काने की कोशिश कर रहे थे – ये एक साजिश जैसा लग रहा है।

अभी हालात कैसे हैं?

सुबह तक स्थिति काबु में आ गई कुछ इलाके में भारी पुलिस और RAF तैनात है। JLN मार्ग, अजमेरी गेट, मिंटो रोड जैसे रास्ते प्रभावित रहे, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी थी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो घूम रहे हैं – सावधान रहें, अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह भी दी ।

ये पुरानी दिल्ली का संवेदनशील इलाका है, जहां इतिहास (1976 का तुर्कमान गेट हादसा) और भावनाएं जुड़ी हैं। MCD की ये कार्रवाई कानून के मुताबिक है, लेकिन तरीका और समय विवादास्पद रहा। कुछ इसे सही मानते हैं (अवैध अतिक्रमण हटाना जरूरी), तो कुछ कहते हैं कि संवेदनशील जगह पर रात में करना गलत था।

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