सीतामढ़ी की रैली में प्रधानमंत्री का विपक्ष पर हमला; बोले: बिहार को ‘कटटा सरकार’ नहीं, NDA सरकार चाहिए
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कुछ दिन पहले राहुल गांधी द्वारा तालाब में मछली पकड़ने के लिए लगाई गई डुबकी का मज़ाक उड़ाया, और साथ ही राजद (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन पर तीखे आरोप लगाए।
I. राहुल गांधी पर कटाक्ष: ‘डूबने की प्रैक्टिस’
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ “बड़े बड़े लोग” अब बिहार में मछली देखने आ रहे हैं और पानी में डुबकी लगा रहे हैं। पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, “बड़े बड़े लोग भी यहां की मछली देखने आ रहे हैं। पानी में डुबकी लगा रहे हैं… बिहार के चुनाव में डूबने की प्रैक्टिस कर रहे हैं।”
यह टिप्पणी राहुल गांधी की उस हालिया घटना पर आई जब उन्होंने बेगूसराय में मछुआरा समुदाय से बातचीत के दौरान एक गंदे तालाब में छलांग लगा दी थी। एक वीडियो में वे नाव से तालाब के बीच में जाते और फिर डुबकी लगाते दिखाई दिए थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता के साथ पूर्व राज्य मंत्री मुकेश सहनी भी थे, जिन्होंने जाल फेंककर राहुल गांधी को प्रभावित किया। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और कई मछुआरे भी इस दौरान छाती तक गहरे पानी में उनके साथ मौजूद थे।
II. राजद पर सीधा हमला: ‘कटटा और कुशासन’ का डर
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान राजद के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन पर भी कड़े शब्दों में निशाना साधा। पीएम मोदी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर विपक्ष को सत्ता मिलती है, तो वे “लोगों के सिर पर ‘कटटा’ (बंदूक) रखकर उन्हें हाथ ऊपर करने का आदेश देंगे।”
उन्होंने राजद के प्रचार अभियान की आलोचना करते हुए कहा कि यह सुनकर उन्हें सिहरन होती है कि राजद अपने प्रचार में बच्चों से यह कहलवा रहा है कि वे बड़े होकर ‘रंगदार’ (दबंग या गुंडा) बनना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया, “बिहार निश्चित रूप से ऐसी सरकार नहीं चाहता जो ‘कटटा’, ‘कुशासन’ (खराब शासन), ‘क्रूरता’ और भ्रष्टाचार पेश करे।”
पीएम मोदी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जहां भी वे गए हैं, वहां यही भावना प्रबल है: “हमें ‘कटटा सरकार’ नहीं चाहिए, हमें फिर से एक NDA सरकार चाहिए।”
III. दूसरे चरण से पहले चुनावी माहौल
प्रधानमंत्री का यह संबोधन बिहार में 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले आया है। इससे पहले, पहले चरण में 6 नवंबर को लगभग 64.69 प्रतिशत मतदान हुआ था।
विपक्ष इस उच्च मतदान प्रतिशत का उपयोग सत्ताधारी एनडीए को घेरने के लिए कर रहा है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी कहा है कि मतदान प्रतिशत में वृद्धि इस बात का संकेत देती है कि जनता बिहार में सत्ता परिवर्तन के पक्ष में है। प्रधानमंत्री ने अपनी रैलियों के माध्यम से इस धारणा को खारिज करने और एनडीए के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।

