पश्चिम एशिया में बढ़ा सैन्य तनाव। अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में ईरानी जहाज पर कार्रवाई की, जबकि CENTCOM ने अमेरिकी युद्धपोत को सुरक्षित बताया।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में अपने विमानवाहक पोत के पास आने की कोशिश कर रहे एक ईरानी जहाज पर फायरिंग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
सामने आए अमेरिकी और ईरानी जहाज, चेतावनी के बाद हुई कार्रवाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln इस समय अरब सागर में तैनात है और क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियान का हिस्सा बना हुआ है। इसी दौरान ईरान की नौसेना का एक जहाज कथित तौर पर अमेरिकी युद्धपोत के करीब पहुंचने लगा। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि पहले चेतावनी दी गई, लेकिन जहाज के पीछे न हटने पर कार्रवाई की गई।
अमेरिकी फायरिंग के बाद ईरानी दावों पर सवाल
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक पहले युद्धपोत से चेतावनी के तौर पर फायरिंग की गई। इसके बावजूद जब ईरानी जहाज पीछे नहीं हटा, तो हेलीकॉप्टर की मदद से हेलफायर मिसाइल दागी गई। इस कार्रवाई में ईरानी जहाज को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि उसकी वास्तविक स्थिति को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पहले दावा किया था कि उसने अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरानी मीडिया ने इसे अपने सैन्य अभियान का हिस्सा बताया था। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं और सामान्य रूप से अभियान जारी है।
तस्वीरों और वीडियो से अमेरिका का दावा
अमेरिकी सैन्य कमान ने हाल ही में कुछ तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए हैं, जिनमें विमानवाहक पोत पर सामान्य उड़ान संचालन जारी दिखाई दे रहा है। इससे यह संकेत देने की कोशिश की गई है कि जहाज को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के घटनाक्रमों ने पहले से ही संवेदनशील खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। क्षेत्र में लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच यह आशंका भी जताई जा रही है कि अगर ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत अरब सागर में अपनी तैनाती जारी रखे हुए है, जबकि क्षेत्र में हालात पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।
