अमेरिका से पाकिस्तान का गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा रद्द करने की मांग
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2025
पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर के हालिया “परमाणु धमकी” वाले बयान की मंगलवार को पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रूबिन ने कड़ी निंदा की। रूबिन ने कहा कि उनका यह बयान ओसामा बिन लादेन, जो 11 सितंबर को हुए हमले का प्रेरक था, की याद दिलाता है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी धरती पर पाकिस्तान की धमकियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं” और सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम है या फिर उसका विशेष दर्जा समाप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने आगे कहा, “फील्ड मार्शल की बयानबाज़ी वही है जो हमने ओसामा बिन लादेन से सुनी थी… असीम मुनीर एक सूट में ओसामा बिन लादेन हैं। ”
रूबिन ने यह जवाब टाम्पा, फ्लोरिडा में मुनीर के संबोधन के बाद दिया, जिसमें पाकिस्तान सेना प्रमुख ने कहा था, “हम एक परमाणु राष्ट्र हैं।” हम दुनिया का आधा हिस्सा अपने साथ ले जाएंगे अगर हमें लगता है कि हम डूब रहे हैं। रूबिन ने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी जनरलों को मुनीर के साथ बैठकों से बाहर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि यह “त्यागपत्र देने का कारण” है। उसने यह भी कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान को गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा रद्द करना चाहिए, उसे आतंकवाद प्रायोजक देश घोषित करना चाहिए, उसे अमेरिकी सेंट्रल कमांड से बाहर करना चाहिए और मुनीर को अयोग्य व्यक्ति (persona non grata) घोषित करना चाहिए जब तक पाकिस्तान स्पष्टीकरण और माफी नहीं देता।
भारत ने भी मुनीर के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे पाकिस्तान की निरंतर “परमाणु तलवार भांजने” की मिसाल बताया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह टिप्पणी पाकिस्तान के परमाणु कमान और नियंत्रण की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाती है, खासकर जब उसकी सेना आतंकवादी संगठनों से जुड़ी हुई है। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि यह “खेदजनक” है कि किसी तीसरे मित्र देश की भूमि से ऐसे धमकी भरे बयान दिए गए। भारत ने कहा कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता रहेगा और किसी भी परमाणु दबाव में नहीं आएगा।
