दिल्ली हाई कोर्ट में ‘समरसता दिवस’ पर प्रो. रामकांत द्विवेदी का सारगर्भित व्याख्यान

दिल्ली हाई कोर्ट में 'समरसता दिवस' पर प्रो. रामकांत द्विवेदी का सारगर्भित व्याख्यान

संविधानिक मूल्यों की रक्षा और पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की निर्णायक कार्रवाई पर दिया बल

17 मई 2025, नई दिल्ली

डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृति में मनाए जा रहे समरसता दिवस के अवसर पर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें MERI सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज (CIS) के प्रमुख प्रो. (डॉ.) रामकांत द्विवेदी ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया।

कार्यक्रम में दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जसमीत सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति, अधिवक्ता और विधिक विशेषज्ञ मौजूद रहे।

प्रो. द्विवेदी ने भारतीय संविधान की मूल आत्मा और उसके संरचनात्मक ढांचे की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई संविधान की अखंडता को चुनौती देता है, तो देश उसका सख्त और निर्णायक रूप से उत्तर देगा।

उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए पाकिस्तान-समर्थित आतंकवादी हमले का उल्लेख किया, जिसमें निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया था। इसके जवाब में भारत द्वारा 7 मई 2025 को की गई सर्जिकल स्ट्राइक का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में स्थित 9 बड़े आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया।

मुख्य लक्ष्य किए गए ठिकानों में शामिल थे:

  • लश्कर-ए-तैयबा के: सवाई नाला, गुलपुर, अब्बास और बरनाला शिविर
  • जैश-ए-मोहम्मद का: सैयदना बिलाल शिविर
  • रणनीतिक ठिकाने: मुरिदके का मरकज़ तैयबा और बहावलपुर का मरकज़ सुब्हानअल्लाह मुख्यालय
  • अन्य शिविर: सियालकोट स्थित सरजाल और महमूना जोया

जस्टिस जसमीत सिंह ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान को अद्भुत दूरदर्शिता और विवेक का दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा, “जितना हम इसे पढ़ते और समझते हैं, उतना ही यह हमें प्रकाश देता है। संविधान की रक्षा हम सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

यह भी पढ़ें : ‘गुरुजी’ हीरालाल चतुर्वेदी को संगीत श्रद्धांजलि — 48वीं पुण्यतिथि पर भावभीना नमन

प्रो. द्विवेदी ने बाबा साहब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नागरिकों से संविधान में निहित मूल्यों के प्रति पुनः समर्पण का आह्वान किया।

इस अवसर पर एडवोकेट अखिल जैतली और MERI समूह के उपाध्यक्ष प्रोफेसर ललित अग्रवाल भी उपस्थित रहे, जिन्होंने ब्रेक के दौरान विभिन्न अतिथियों से संवाद किया।

यह भी पढ़ें : केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने किया दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे निरीक्षण, NHAI को तेज़ी से पूरा करने के निर्देश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *