मखाना या भुना चना: हेल्दी स्नैक की रेस में कौन आगे? जानिए क्या कहती है रिसर्च

मखाना या भुना चना: हेल्दी स्नैक की रेस में कौन आगे? जानिए क्या कहती है रिसर्च

वजन घटाने से लेकर मसल्स तक-मखाना और भुना चना की पूरी तुलना पढ़ें और जानें किसे करें अपनी डेली डाइट में शामिल।

नई दिल्ली: तेजी से बदलती लाइफस्टाइल में लोग अब चाय-बिस्किट या तले स्नैक्स की जगह हेल्दी विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं- मखाना और भुना हुआ चना। दोनों ही हल्के, किफायती और आसानी से मिलने वाले स्नैक्स हैं। लेकिन जब बात फिटनेस और खासकर वजन घटाने की आती है, तो सवाल उठता है कि आखिर किसे चुनना ज्यादा समझदारी होगी?

पोषण की नजर से तुलना

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों ही स्नैक्स अपने-अपने तरीके से फायदेमंद हैं, लेकिन उनकी न्यूट्रिशन प्रोफाइल अलग है। मखाना कैलोरी और फैट में कम होता है, जिससे यह हल्का स्नैक माना जाता है। दूसरी ओर, भुना चना प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है।

100 ग्राम की मात्रा में देखें तो चने में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा मखाने से काफी ज्यादा होती है, जबकि मखाना कार्बोहाइड्रेट में आगे रहता है। यही अंतर तय करता है कि किसे किस उद्देश्य से खाना बेहतर रहेगा।

पाचन और प्रोटीन के फायदे

डायटिशियनों का कहना है कि मखाना एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है और पाचन के लिए हल्का रहता है। जिन लोगों को गैस या भारीपन की समस्या होती है, उनके लिए यह एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

वहीं भुना चना मांसपेशियों के लिए फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। फाइबर ज्यादा होने से यह पाचन को बेहतर करता है और बार-बार भूख लगने से रोकता है। नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण और ब्लड शुगर संतुलन में भी मदद मिल सकती है।

वजन घटाने में कौन-सा हैं ज्यादा कारगर?

फिटनेस कोचों के मुताबिक, वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भुना चना ज्यादा प्रभावी हो सकता है। इसकी वजह है इसका हाई प्रोटीन और हाई फाइबर कंटेंट, जो देर तक संतुष्टि देता है। इससे अनावश्यक स्नैकिंग कम होती है और कुल कैलोरी सेवन नियंत्रित रहता है।

हालांकि, अगर कोई व्यक्ति दिनभर में हल्की-फुल्की भूख शांत करने के लिए कम कैलोरी वाला विकल्प चाहता है, तो मखाना बेहतर साबित हो सकता है। खासकर बिना घी या ज्यादा मसाले के भुना मखाना।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक को पूरी तरह बेहतर कहना सही नहीं होगा। संतुलित आहार में दोनों को शामिल किया जा सकता है।
यदि लक्ष्य मसल्स बनाए रखना और लंबे समय तक भूख नियंत्रित रखना है, तो चना फायदेमंद है। वहीं हल्का और आसानी से पचने वाला स्नैक चाहिए तो मखाना चुन सकते हैं।

डाइट में संतुलन जरूरी

हेल्दी स्नैक का चुनाव आपकी जरूरत और लक्ष्य पर निर्भर करता है। वजन घटाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं तो भुना चना ज्यादा मददगार हो सकता है। लेकिन कम कैलोरी और हल्का विकल्प चाहते हैं तो मखाना भी अच्छा है।

सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी स्नैक को संतुलित मात्रा में खाएं और नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सही चुनाव और सही मात्रा ही असली फिटनेस मंत्र है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह या उपचार का विकल्प न समझें। jabalpurpatrika इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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