भारत-न्यूज़ीलैंड FTA: दो देशों के रिश्तों में नया अध्याय, व्यापार दोगुना होने की उम्मीद!

भारत-न्यूज़ीलैंड FTA: दो देशों के रिश्तों में नया अध्याय, व्यापार दोगुना होने की उम्मीद!

ऐतिहासिक घोषणा: मोदी-लक्सन की फोन बातचीत से पूरा हुआ समझौता

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच एक बड़े स्तर पर मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पूरा हो गया है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 22 दिसंबर 2025 को फोन पर बातचीत के दौरान इसकी घोषणा की। सिर्फ 9 महीनों में यह डील फाइनल होना दोनों देशों की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिखाता है। बातचीत की शुरुआत मार्च 2025 में लक्सन के भारत दौरे के दौरान हुई थी, जब उन्होंने मोदी जी से मुलाकात की और सरल रूप से समझौते के लिए बातचीत शुरू की । यह भारत का विकसित देश के साथ सबसे तेज पूरा हुआ FTA है, जो ‘विकसित भारत 2047’ विजन से पूरी तरह जुड़ा है।

व्यापार और निवेश को मिलेगी रफ्तार:

वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 2.1 अरब डॉलर (FY2025) का है। इस FTA से अगले 5 सालों में इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। न्यूज़ीलैंड ने भारत में अगले 15 सालों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया है, जो मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विसेज, इनोवेशन और रोजगार निर्माण को बूस्ट देगा। न्यूज़ीलैंड के निर्यात भारत में 1.1 से 1.3 अरब डॉलर सालाना तक बढ़ सकते हैं। यह निवेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन और स्टार्टअप्स जैसे सेक्टर्स में नए अवसर खोलेगा।

क्या सस्ता होगा? टैरिफ में बड़ी कटौती

समझौते के तहत न्यूज़ीलैंड अपने 100% टैरिफ लाइंस पर ड्यूटी खत्म करेगा, यानी सभी भारतीय सामान न्यूज़ीलैंड में ड्यूटी-फ्री आएंगे। भारत की तरफ से न्यूज़ीलैंड के 95% निर्यातों पर टैरिफ कम या खत्म होगा – पहले दिन से ही आधे से ज्यादा प्रोडक्ट्स ड्यूटी-फ्री। भारत ने संवेदनशील सेक्टर्स जैसे डेयरी (दूध, चीज आदि), कुछ कृषि उत्पादों को प्रोटेक्ट किया है। भारतीय निर्यातकों को फायदा: टेक्सटाइल, फार्मा, लेदर, जेम्स-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स और ऑटोमोबाइल्स आसानी से न्यूज़ीलैंड पहुंचेंगे। न्यूज़ीलैंड से कीवी फ्रूट, टिंबर जैसी चीजें सस्ती हो सकती हैं।

भारत का सातवां बड़ा FTA: वैश्विक ट्रेड नेटवर्क और मजबूत

यह भारत का हाल के वर्षों में सातवां प्रमुख FTA है। इससे पहले UAE, ऑस्ट्रेलिया, UK, मॉरीशस, EFTA (स्विट्जरलैंड आदि), ओमान के साथ डील हुईं। 2025 में ही UK, ओमान और अब न्यूज़ीलैंड – तीन बड़े समझौते! इससे भारत तेजी से विश्वसनीय ग्लोबल ट्रेड पार्टनर बन रहा है। सर्विसेज, प्रोफेशनल मोबिलिटी (भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए वीजा आसान), स्टूडेंट्स और नौजवान के लिए नए मौके खुलेंगे।

आगे क्या? रोजगार, इनोवेशन और मजबूत पार्टनरशिप

यह FTA सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि लोगों के बीच कनेक्शन बढ़ाएगा। MSME, किसान, महिलाएं, युवा और इनोवेटर्स को सीधा फायदा होगा। न्यूज़ीलैंड एग्रीकल्चर उत्पादकता के लिए सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस बनाएगा – सेब, कीवी और हनी में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा। दोनों नेताओं का मानना है कि इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा। समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होने की उम्मीद है और लागू होते ही इसके फायदे दिखने लगेंगे।

भारत-न्यूज़ीलैंड रिश्ते अब नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं – क्रिकेट से आगे, इकोनॉमी और स्ट्रैटेजी में गहरा कनेक्शन! यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

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