जीनत अमान ने शशि कपूर को बताया ‘स्कूल टाइम क्रश’, साझा किया ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ के चर्चित सीन का किस्सा

जीनत अमान ने शशि कपूर को बताया 'स्कूल टाइम क्रश', साझा किया ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ के चर्चित सीन का किस्सा

दिग्गज अभिनेत्री ने बताया शशि कपूर से पहली मुलाकात का अनुभव, किशोरावस्था की दीवानगी और उनके साथ फिल्मों में काम करने का खास सफर, साथ ही उस विवादित सीन के पीछे की सच्चाई भी साझा की

19 जून 2025, नई दिल्ली

बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दिवंगत अभिनेता शशि कपूर को एक भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए एक इमोशनल पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने अपने स्कूल टाइम क्रश शशि कपूर के प्रति अपनी दीवानगी, पहली मुलाकात और साथ में बिताए पलों को याद किया।

जीनत ने साल 1978 की फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम का एक पुराना क्लिप शेयर करते हुए लिखा कि शशि कपूर उन्हें स्कूली दिनों से ही बेहद आकर्षक लगते थे। उन्होंने बताया कि उनकी शशि कपूर से पहली मुलाकात पंचगनी के बोर्डिंग स्कूल में हुई थी, जब वह अपनी थिएटर कंपनी और अपनी होने वाली पत्नी जेनिफर के साथ वहां आए थे।

“उनकी चमकती आंखें और आकर्षक व्यक्तित्व ने मुझे बहुत प्रभावित किया,” जीनत ने लिखा। “हम सभी छात्राएं उनकी परफॉर्मेंस से पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गई थीं। वह वो अभिनेता थे, जिन पर हर लड़की फिदा थी।”

साउथ बॉम्बे की वो शामें

जीनत ने अपने किशोरावस्था के दिनों की एक मजेदार याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि शशि कपूर साउथ बॉम्बे में उनके घर के पास ही रहते थे।

“जल्द ही यह खबर फैल गई कि वह हर शाम 6 बजे वॉक पर निकलते हैं। फिर क्या था, मैं और मेरी सहेलियां ‘ताज़ी हवा’ के बहाने बाहर निकल जाती थीं, सिर्फ एक झलक पाने के लिए।”

पर्दे पर ‘क्रश’ के साथ काम करने का सपना

कई साल बाद, जीनत को अपने इस ‘क्रश’ के साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने लिखा, “यह मेरे लिए एक सपना पूरा होने जैसा था। शशि बेहद हाजिरजवाब, विनोदी और बुद्धिमान इंसान थे।” उन्होंने रोटी, कपड़ा और मकान, चोरी मेरा काम, और वकील बाबू जैसी फिल्मों में उनके साथ काम करने को सौभाग्य बताया।

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विवादित सीन की सच्चाई

जीनत ने अपनी पोस्ट में सत्यम शिवम सुंदरम के उस चर्चित किस सीन का भी ज़िक्र किया, जिसने उस दौर में काफी विवाद खड़ा किया था।

“यह मेरे करियर का एक बड़ा पल था,” उन्होंने लिखा। “हालांकि इस सीन को लेकर कई तरह की बातें हुईं, लेकिन शूटिंग के दौरान मुझे कभी असहज महसूस नहीं हुआ। मेरे लिए वह सीन बिल्कुल पवित्र था।”

आज भी है वही दीवानगी

अपने पोस्ट के अंत में जीनत ने लिखा, “आज भी मेरे भीतर वो स्कूली लड़की ज़िंदा है, जो शशि कपूर को देखकर मुस्कुराया करती थी। उनके साथ काम करना सिर्फ एक अनुभव नहीं, बल्कि एक खूबसूरत सपना था।”

उन्होंने शशि कपूर की विरासत की भी सराहना की, खासकर उनके पृथ्वी थिएटर के योगदान को याद करते हुए कहा, “वो एक बेहद खास इंसान थे। आज भी पृथ्वी थिएटर की विरासत को आगे बढ़ते देखना मेरे लिए गर्व की बात है।”

जीनत अमान की यह पोस्ट न सिर्फ उनके व्यक्तिगत अनुभवों की झलक देती है, बल्कि शशि कपूर के अनमोल व्यक्तित्व और उनकी कलात्मक विरासत को भी खूबसूरती से सम्मान देती है।

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