इलियास कश्मीरी ने दावा किया, जीएचक्यू ने जनरलों को आदेश दिया कि आतंकियों की जनाज़े में वर्दी पहनकर शामिल हों।

जैश कमांडर का सनसनीखेज़ खुलासा: पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों को दी सलामी, ऑपरेशन सिंदूर से हिला बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी का एक और विवादित वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने पाकिस्तान की सेना पर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। वीडियो में कश्मीरी यह दावा करता सुना गया कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने खुद वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश दिया था कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के जनाज़ों में शामिल हों और उन्हें सैन्य सम्मान दिया जाए।
कश्मीरी के अनुसार, रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) ने स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि आतंकियों को आखिरी सलामी दी जाए और कोर कमांडर वर्दी पहनकर उनके जनाज़े में शामिल हों, यहां तक कि गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाए। यह दावा पाकिस्तान की सत्ता और आतंकी नेटवर्क के बीच गहरे रिश्तों को उजागर करता है।
मसूद अज़हर की भूमिका पर खुलासा
उसी कार्यक्रम के एक अन्य वीडियो में कश्मीरी ने और भी बड़ा दावा किया। उसने खुले तौर पर स्वीकार किया कि जैश सरगना मसूद अज़हर ने भारत में कई आतंकी हमलों की साज़िश रची थी। उर्दू में दिए भाषण में उसने अज़हर को “अमीर-उल-मुजाहिदीन” कहकर संबोधित किया और दिल्ली व मुंबई जैसे बड़े शहरों में आतंकी हमलों का श्रेय उसे दिया।
कश्मीरी ने तिहाड़ जेल से अज़हर की रिहाई का ज़िक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान पहुंचने के बाद बालाकोट की धरती ने उसे ताक़त दी और उसने भारत के खिलाफ अपने मिशन को आगे बढ़ाया। उसने यहां तक कहा कि “बालाकोट की हर मिट्टी का ज़र्रा मसूद अज़हर का ऋणी है।” हाल ही में वायरल एक अन्य क्लिप में कश्मीरी ने स्वीकार किया कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने अज़हर के बहावलपुर स्थित परिवार को तबाह कर दिया। उसने माना कि भारतीय सेनाओं ने अज़हर के घर को सीधा निशाना बनाया और उसके परिवार को गहरा नुकसान पहुंचाया।
“दिल्ली, काबुल और कंधार में लड़ी जंग”
अपने बयान में कश्मीरी ने कहा, “आतंकवाद को अपनाकर हमने दिल्ली, काबुल और कंधार में लड़ाई लड़ी ताकि इस मुल्क की सरहदें सुरक्षित रहें।” उसने 7 मई को बहावलपुर में अज़हर के परिवार पर हुए भारतीय हमले का भी ज़िक्र किया और इसे अपनी जमात के लिए दर्दनाक झटका बताया।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की समन्वित कार्रवाई
यह खुलासे उस पृष्ठभूमि में हुए जब भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस हमले में पाकिस्तान आधारित आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की जान ले ली थी, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे। इसके बाद भारत ने सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त कार्रवाई में एक रात के भीतर पाकिस्तान कब्ज़े वाले इलाकों में नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर दिए। इनमें बहावलपुर, कोटली और मुरिदके जैसे प्रमुख ठिकाने शामिल थे। कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के गढ़ तबाह कर दिए गए।
सटीक निशाना, नागरिक सुरक्षित
भारतीय अधिकारियों ने साफ किया कि सभी हमले सटीक थे और नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। मीडिया को जानकारी देते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, “कार्रवाई सिर्फ आतंकी ठिकानों पर की गई, कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।” दूसरी ओर, पाकिस्तान ने 26 मौतों और 46 घायलों का दावा किया, लेकिन यह स्वीकार नहीं किया कि मारे गए लोग आतंकी संगठनों से जुड़े थे।
आतंक नेटवर्क को करारा झटका
कश्मीरी के वीडियो ने भारत के उन दावों को मज़बूत किया है, जिनमें बार-बार कहा गया है कि पाकिस्तान की सत्ता और सेना सीधे तौर पर आतंकवाद को पनाह देती है। उसके कबूलनामे ने साबित कर दिया कि जैश और पाकिस्तानी सेना के बीच गहरे रिश्ते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए भारत ने न सिर्फ आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारतीय ज़मीन पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब निर्णायक और सटीक कार्रवाई से दिया जाएगा।
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