आशीष यादव ने रचा इतिहास, नीरज चोपड़ा के बाद वर्ल्ड U20 जैवलिन में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय

आशीष यादव ने रचा इतिहास, नीरज चोपड़ा के बाद वर्ल्ड U20 जैवलिन में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय

आशीष यादव ने वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में 74.09 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता। वह नीरज चोपड़ा के बाद इस प्रतियोगिता में जैवलिन पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बने

नई दिल्ली: अमेरिका के ओरेगन में चल रही विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 2026 में भारत के युवा जैवलिन थ्रोअर आशीष यादव ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों के भाला फेंक फाइनल में आशीष ने 74.09 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

इस पदक के साथ आशीष ने भारतीय एथलेटिक्स में एक खास उपलब्धि हासिल की है। वह नीरज चोपड़ा के बाद विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप के पुरुष जैवलिन थ्रो में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत का इस इवेंट में 10 साल का पदक इंतजार भी खत्म हुआ।

74.09 मीटर के थ्रो से बदली पदक की तस्वीर

फाइनल में आशीष की शुरुआत 69.96 मीटर के थ्रो से हुई। इसके बाद उनका दूसरा प्रयास फाउल रहा। हालांकि, तीसरे प्रयास में उन्होंने 74.09 मीटर भाला फेंककर शानदार वापसी की और पदक की दौड़ में मजबूती से जगह बना ली।

उनकी पूरी थ्रो सीरीज इस प्रकार रही:

  • पहला प्रयास: 69.96 मीटर
  • दूसरा प्रयास: फाउल
  • तीसरा प्रयास: 74.09 मीटर
  • चौथा प्रयास: 72.31 मीटर
  • पांचवां प्रयास: 70.62 मीटर
  • छठा प्रयास: 67.98 मीटर

आशीष का 74.09 मीटर का प्रदर्शन उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 74.49 मीटर से सिर्फ 40 सेंटीमीटर कम रहा।

74.49 मीटर है आशीष का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ

आशीष यादव ने मार्च 2026 में पटियाला में आयोजित 5th Indian Open Throws Competition में 74.49 मीटर का थ्रो किया था। AFI के आधिकारिक परिणामों में आशीष इस प्रतियोगिता में पुरुषों के जैवलिन थ्रो में पहले स्थान पर रहे थे। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 74.49 मीटर फेंका, जबकि ऋषभ गिरी 72.51 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

World Athletics की 2026 अंडर-20 सूची में भी आशीष का 74.49 मीटर का प्रदर्शन दर्ज है। यह थ्रो उन्होंने 8 मार्च 2026 को पटियाला में किया था।

दक्षिण अफ्रीका के जान-हेंड्रिक हेमैंस ने जीता गोल्ड

फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के जान-हेंड्रिक हेमैंस ने 80.50 मीटर के शानदार प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं डोमिनिका के एडिसन जेम्स ने 73.89 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

भारत के दूसरे फाइनलिस्ट टी. धरणीधरन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 72.35 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ छठा स्थान हासिल किया।

इस तरह पुरुषों के जैवलिन फाइनल में भारत के दो खिलाड़ी शीर्ष छह में जगह बनाने में सफल रहे।

10 साल बाद भारत को मिला जैवलिन में U20 वर्ल्ड मेडल

आशीष की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले इस प्रतियोगिता के पुरुष जैवलिन थ्रो में भारत के लिए पदक 2016 में नीरज चोपड़ा ने जीता था।

पोलैंड के बिडगोस्ज़ में आयोजित 2016 विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में नीरज ने 86.48 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता था। इसी प्रदर्शन के दौरान उन्होंने उस समय का विश्व अंडर-20 रिकॉर्ड भी बनाया था। World Athletics के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका 86.48 मीटर का प्रदर्शन अभी भी U20 विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज है।

इस लिहाज से आशीष का सिल्वर भारत के लिए सिर्फ एक और पदक नहीं है। यह नीरज चोपड़ा की ऐतिहासिक जीत के एक दशक बाद उसी प्रतियोगिता में भारतीय जैवलिन की वापसी का संकेत भी है।

आशीष का सफर और भारतीय जैवलिन का नया दौर

आशीष यादव का जन्म 11 अप्रैल 2007 को हुआ है और AFI के रिकॉर्ड में उनका प्रतिनिधित्व उत्तर प्रदेश के नाम से दर्ज है। उनके 74.49 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की पुष्टि AFI और World Athletics दोनों के रिकॉर्ड से होती है।

इसके अलावा, 2026 के भारतीय जूनियर प्रतियोगिता रिकॉर्ड में भी आशीष लगातार शीर्ष स्तर के प्रदर्शन के साथ दिखाई देते हैं। नेशनल जूनियर स्तर की सूची में उनका 74 मीटर से अधिक का प्रदर्शन उन्हें देश के मजबूत युवा जैवलिन थ्रोअर्स में रखता है।

आशीष की यह सफलता ऐसे समय में आई है, जब भारत में जैवलिन थ्रो को नीरज चोपड़ा की उपलब्धियों के बाद नई पहचान मिली है। अब युवा खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे आना इस बात का संकेत है कि भारत में इस खेल की मजबूत प्रतिभा तैयार हो रही है।

नीरज चोपड़ा के बाद आशीष पर बढ़ी उम्मीदें

नीरज चोपड़ा ने भारतीय जैवलिन को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। 2016 में U20 विश्व खिताब जीतने के बाद उन्होंने ओलंपिक और विश्व स्तर पर भी कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।

अब आशीष यादव का U20 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतना भारतीय जैवलिन की अगली पीढ़ी के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है। हालांकि, आशीष की तुलना सीधे नीरज से करना अभी जल्दबाजी होगी। दोनों के करियर अलग-अलग दौर और परिस्थितियों में आगे बढ़े हैं। लेकिन इतना जरूर है कि विश्व U20 मंच पर पदक जीतने वाला दूसरा भारतीय जैवलिन थ्रोअर बनना आशीष के करियर की बड़ी शुरुआत है।

आगे की राह पर रहेंगी नजरें

74.49 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और अब विश्व U20 चैंपियनशिप का रजत पदक आशीष के करियर में एक मजबूत आधार तैयार करता है। आने वाले वर्षों में उनकी चुनौती अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड को बेहतर करने और सीनियर स्तर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की होगी।

फिलहाल, 74.09 मीटर का यह थ्रो भारतीय एथलेटिक्स के लिए यादगार बन चुका है। नीरज चोपड़ा के 2016 के स्वर्ण के 10 साल बाद आशीष यादव ने U20 विश्व चैंपियनशिप में भारत को फिर जैवलिन पदक दिलाया है।

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