भारत के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। जानिए उनके करियर, इमोशनल पोस्ट और आगे की योजनाओं के बारे में
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। अपने शांत स्वभाव, शानदार तकनीक और मुश्किल परिस्थितियों में बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी।
इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान
38 वर्षीय रहाणे ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा,
“Cap 278 signing off. Thank you for all the love and support over the years. Forever grateful.”
“जीवन की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और एक अंत भी होता है। आज मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का यही सही समय है।”
उन्होंने अपने बचपन के संघर्षों को याद करते हुए बताया कि कैसे डोंबिवली से रोज अभ्यास के लिए लंबा सफर तय करते थे और भारतीय टीम की जर्सी पहनना उनका सबसे बड़ा सपना था।
17 साल का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए लगभग 17 वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उन्होंने तीनों प्रारूपों में देश का प्रतिनिधित्व किया और खासकर टेस्ट क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई।
- टेस्ट मैच: 85, जिनमें उन्होंने करीब 5,077 रन बनाए और 12 शतक जड़े
- वनडे मैच: 90, जिनमें लगभग 2,962 रन बनाए
- टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच: 20, जिनमें करीब 375 रन बनाए
- कुल मिलाकर उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 51 अर्धशतक और 15 शतक दर्ज हैं
- टेस्ट डेब्यू: मार्च 2013, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
- आखिरी टेस्ट: जुलाई 2023, वेस्टइंडीज दौरे पर
- वनडे में आखिरी उपस्थिति फरवरी 2018 में रही, यानी सफेद गेंद के प्रारूप से वे काफी पहले ही दूर हो गए थे
रहाणे ने जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। वहीं, उन्होंने आखिरी वनडे और टी20 मुकाबले 2018 में खेले थे।
ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत के हीरो बने थे रहाणे
रहाणे को हमेशा एक शानदार स्टैंड-इन कप्तान के तौर पर याद किया जाएगा। 2020-21 के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी दौरे पर, जब विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर स्वदेश लौट गए थे, तब रहाणे ने कमान संभाली और टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ऐतिहासिक 2-1 की सीरीज़ जीत दिलाई। इसी दौरे में ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर मिली जीत को भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है, क्योंकि उस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को दशकों में पहली बार हार का सामना करना पड़ा था।
इसके अलावा, लॉर्ड्स के मैदान पर बनाया गया उनका शतक भी उनके विदेशी दौरों की मजबूत परफॉर्मेंस का एक बड़ा उदाहरण माना जाता है।
हाल के वर्षों में क्या चल रहा था
बात यह है कि रहाणे भारतीय टीम से दूर रहने के बावजूद घरेलू और फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट में लगातार सक्रिय रहे। वे मुंबई की रणजी ट्रॉफी टीम के लिए खेलते रहे और कुछ समय पहले तक उसकी कप्तानी भी संभाली, हालांकि 2025-26 सीज़न से पहले उन्होंने यह जिम्मेदारी छोड़ने का फैसला किया ताकि टीम में नई लीडरशिप को मौका मिल सके। आईपीएल में भी वे कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी करते नज़र आए। यही वजह है कि हाल के इंटरव्यूज़ में उन्होंने टेस्ट टीम में वापसी की उम्मीद और टेस्ट क्रिकेट के लिए अपने जुनून की बात भी कही थी।
इसी पृष्ठभूमि में आज का ऐलान खास मायने रखता है — यह घोषणा सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की है, घरेलू या फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट से नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात पर कुछ अलग-अलग राय है कि क्या वे आगे भी घरेलू और आईपीएल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे, लेकिन एक बात पक्की है, भारतीय जर्सी में उन्हें अब मैदान पर नहीं देखा जाएगा।
रहाणे ने टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा
अपने विदाई संदेश में रहाणे ने कहा कि उन्होंने हमेशा देश और टीम को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखा।
उन्होंने कहा,
“मैंने हमेशा पूरी ईमानदारी के साथ क्रिकेट खेला। मेरा विश्वास था कि अगर आपकी नीयत सही हो तो खेल आपको उसका सम्मान जरूर देता है।”
उन्होंने भारतीय क्रिकेट में आए बदलावों पर भी खुशी जताई और कहा कि पिछले दो दशकों का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है।
क्या अब पूरी तरह क्रिकेट छोड़ देंगे?
रहाणे ने अपने बयान में “अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों” से संन्यास लेने की बात कही है। हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में इसे लेकर अलग-अलग व्याख्या की गई है।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पेशेवर क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कह दिया है, जबकि कुछ का कहना है कि वह हाल तक घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से जुड़े रहे थे।
फिलहाल आधिकारिक रूप से यह पुष्टि हो चुकी है कि उन्होंने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है।
अब युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे
रिपोर्ट्स के अनुसार अजिंक्य रहाणे आने वाले समय में क्रिकेट से जुड़े रहेंगे। वह कमेंट्री, क्रिकेट विश्लेषण और युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन (मेंटोरिंग) पर ध्यान दे सकते हैं।
उन्होंने अपने संदेश में भी कहा कि अब वह अपने अनुभव को अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों तक पहुंचाना चाहते हैं।
अजिंक्य रहाणे उन खिलाड़ियों में रहे जिन्होंने कभी सुर्खियों से ज्यादा अपने प्रदर्शन को महत्व दिया। कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए जिम्मेदारी निभाना, संयम के साथ बल्लेबाजी करना और कप्तान के रूप में टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाना उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान रही।
