विटामिन D की गोली लेने के बावजूद शरीर में कमी क्यों बनी रहती है? जानिए इसे लेने की आम गलतियाँ, सही तरीका और सेहत पर इसके असर से जुड़ी पूरी जानकारी।
आजकल विटामिन D की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। डॉक्टर की सलाह पर लोग इसकी गोलियां भी ले रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोगों को थकान, कमजोरी और हड्डियों से जुड़ी दिक्कतें बनी रहती हैं सवाल यह है कि जब विटामिन D लिया जा रहा है, तो फिर शरीर में उसका असर क्यों नहीं दिख रहा? दरअसल, इसकी वजह अक्सर दवा नहीं, बल्कि उसे लेने का तरीका होता है, यही छोटी-सी चूक आगे चलकर सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन D तभी फायदा पहुंचाता है, जब शरीर उसे ठीक से अपनाता है। लेकिन अक्सर लोग इसे लेने में छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, कई लोग सुबह खाली पेट या बिना किसी भोजन के विटामिन D ले लेते हैं, जबकि ऐसा करने से उसका पूरा असर नहीं मिल पाता। दरअसल, विटामिन D फैट के साथ बेहतर तरीके से शरीर में जाता है, अगर इसे सही समय पर और सही खाने के साथ न लिया जाए, तो सप्लीमेंट लेने के बावजूद शरीर को उसका लाभ नहीं मिल पाता। यही वजह है कि नियमित सेवन के बाद भी कई लोगों में विटामिन D की कमी बनी रहती है।
एक और बड़ी गलती यह है कि लोग पूरी तरह विटामिन D की गोली पर ही निर्भर हो जाते हैं और धूप की अहमियत को भूल जाते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि विटामिन D का सबसे प्राकृतिक और असरदार स्रोत सूरज की रोशनी ही है। लेकिन आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग ज़्यादातर समय घर या दफ्तर के अंदर ही बिताते हैं। ऊपर से बढ़ता प्रदूषण भी सूरज की किरणों को शरीर तक ठीक से पहुंचने नहीं देता, ऐसे में शरीर खुद से विटामिन D बना ही नहीं पाता और सिर्फ सप्लीमेंट के भरोसे रहने से कमी पूरी नहीं हो पाती।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कई बार विटामिन D लेने के बाद भी असर इसलिए नहीं दिखता, क्योंकि शरीर में दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है, उदाहरण के तौर पर मैग्नीशियम, जो विटामिन D को शरीर में सही तरीके से काम करने में मदद करता है। अगर इसकी कमी हो, तो विटामिन D भी पूरी तरह असर नहीं कर पाता ऐसे में सिर्फ सप्लीमेंट लेना काफी नहीं होता, शरीर को संतुलित भोजन की जरूरत होती है, जिसमें अलग-अलग पोषक तत्व सही मात्रा में मिलें, ताकि विटामिन D अपना काम ठीक से कर सके।
डॉक्टरों का कहना है कि विटामिन D की कमी का असर सिर्फ हड्डियों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मांसपेशियों की ताकत, इम्यून सिस्टम और पूरे शरीर की सेहत को भी प्रभावित करता है। जब शरीर में विटामिन D की मात्रा कम हो जाती है, तो इंसान जल्दी थकने लगता है, कमजोरी महसूस होती है और छोटी-छोटी बीमारियां बार-बार घेर लेती हैं। कई बार जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और काम करने की क्षमता में कमी भी देखने को मिलती है, इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि धूप में समय बिताएं, संतुलित आहार लें और जरूरत पड़ने पर जांच कराकर समय रहते इसकी कमी को पूरा करें, ताकि शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन D को लेकर बिना सलाह खुद से दवाइयां या सप्लीमेंट लेना सही नहीं होता। हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है, सही जांच के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि कितनी मात्रा में और कितने समय तक विटामिन D लेना चाहिए। इसके साथ ही रोज़ाना थोड़ी धूप लेना, पौष्टिक भोजन करना और संतुलित जीवनशैली अपनाना भी बहुत जरूरी है जब सही तरीका और सही समय अपनाया जाता है, तभी विटामिन D का पूरा फायदा शरीर को मिल पाता है और सेहत लंबे समय तक बेहतर बनी रहती है।
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