गैस सप्लाई पर दबाव, सरकार ने दी पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह

गैस सप्लाई पर दबाव, सरकार ने दी पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह

पश्चिम एशिया तनाव का असर LPG सप्लाई पर, कई शहरों में किल्लत और पैनिक बुकिंग की स्थिति। जानें गैस बचाने के आसान तरीके और काला बाजारी से बचने के टिप्स।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर बाधा के कारण एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। इसका असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है, जहां घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। सरकार ने स्थिति को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है और कमर्शियल व औद्योगिक क्षेत्रों को मिलने वाली गैस आपूर्ति को सीमित कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक इस फैसले के बाद होटल और रेस्तरां जैसे व्यवसायों को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर पैनिक बुकिंग की खबरें भी सामने आई हैं। वहीं कुछ शहरों में काला बाजारी की शिकायतें भी मिली हैं, जहां सिलेंडर तय कीमत से कई गुना ज्यादा दाम पर बेचे जा रहे हैं।

सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी

तेल मंत्रालय के अनुसार घरेलू 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हाल ही में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। राजधानी दिल्ली में अब इसकी कीमत करीब 913 रुपये हो गई है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दी जा रही सब्सिडी जारी रहेगी।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि 8 मार्च के बाद एलपीजी उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है और सामान्य डिलीवरी व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करा रहे हैं।

पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह

सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर सिलेंडर की बुकिंग न करें और जरूरत के हिसाब से ही गैस मंगाएं। साथ ही एलपीजी कंपनियों के मोबाइल ऐप के जरिए बुकिंग और डिलीवरी की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उपभोक्ता थोड़ी सावधानी बरतें तो एक सिलेंडर की खपत को कई दिनों तक बढ़ाया जा सकता है।

रसोई में गैस बचाने के आसान तरीके

रसोई में कुछ साधारण आदतें अपनाकर गैस की खपत कम की जा सकती है। जैसे खाना पकाते समय बर्तन पर ढक्कन लगाकर रखने से गर्मी बाहर नहीं निकलती और खाना जल्दी तैयार हो जाता है। दाल और चावल पकाने के लिए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल भी गैस बचाने में मदद करता है।

इसके अलावा बर्तन को चूल्हे पर रखने से पहले अच्छी तरह सुखाना, मध्यम आंच पर खाना पकाना और बर्नर को नियमित रूप से साफ रखना भी गैस की बचत में सहायक होता है। दाल या चने जैसी चीजों को पकाने से पहले कुछ समय के लिए पानी में भिगो देने से उनका पकने का समय कम हो जाता है।

गैस लीकेज और काला बाजारी से सावधान

विशेषज्ञों का कहना है कि गैस पाइप और रेगुलेटर की समय-समय पर जांच करते रहना भी जरूरी है। साबुन के घोल से पाइप पर हल्का परीक्षण कर लीकेज का पता लगाया जा सकता है।

सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ताओं को वजन और सील की जांच जरूर करनी चाहिए। अगर तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगे जाएं तो इसकी शिकायत गैस एजेंसी या हेल्पलाइन पर की जा सकती है।

सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राज्यों को भी काला बाजारी और अफवाहों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग घबराने के बजाय समझदारी से गैस का इस्तेमाल करें तो मौजूदा स्थिति को आसानी से संभाला जा सकता है।

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