2018 से 2024 के बीच सामने आए इन गंभीर आरोपों में रेप, घरेलू हिंसा, अवैध तस्वीरें, धमकी और संपत्ति क्षति शामिल; मुकदमा जनवरी 2026 से शुरू होगा और दोषी पाए जाने पर Høiby को 10 साल तक की सज़ा मिल सकती है
नई दिल्ली, 19 अगस्त 2025
Norway के शाही परिवार पर इन दिनों गंभीर आरोपों का साया मंडरा रहा है। Crown Princess Mette-Marit के बेटे Marius Borg Høiby पर कुल 32 आपराधिक मामलों में औपचारिक रूप से आरोप तय किए गए हैं, जिनमें से चार मामले रेप के हैं। आरोपों के मुताबिक, इनमें से एक रेप मामला जबरन शारीरिक संबंध से जुड़ा है, जबकि बाकी तीन मामले ऐसी घटनाओं के हैं, जब कथित पीड़ित महिलाएँ नींद में थीं। अदालत में मुकदमा जनवरी 2026 से शुरू होगा और दोषी पाए जाने पर Høiby को 10 साल तक की सजा हो सकती है।
जनवरी 2026 से शुरू होगा मुकदमा, सजा हो सकती है 10 साल
इन आरोपों का संबंध 2018 से 2024 तक की घटनाओं से है, जिनमें घरेलू हिंसा, महिलाओं की बिना मंज़ूरी तस्वीरें और वीडियो तैयार करना, संपत्ति क्षति, धमकी भरे व्यवहार और ट्रैफिक कानून का उल्लंघन जैसे मामले शामिल होते हैं। अभियोजन पक्ष ने अदालत में वीडियो फुटेज, फोटो, टेक्स्ट मैसेज और गवाहों के बयान सबूत के तौर पर प्रस्तुत किए हैं।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में रखे कई पुख्ता सबूत
Marius Borg Høiby, जिनका जन्म 1997 में ओस्लो में हुआ था, क्राउन प्रिंसेस के पिछले रिश्ते से हैं। हालांकि वे शाही परिवार के सदस्य के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन उनके पास न तो कोई आधिकारिक रॉयल टाइटल है और न ही उत्तराधिकार का अधिकार। पहले भी वे कानूनी विवादों में फँस चुके हैं। वर्ष 2017 में उन्हें ड्रग्स रखने के आरोप में सज़ा हुई थी, वहीं अगस्त 2024 में मारपीट और हिंसा के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर Hamar Prison भेजा गया था। वे हिंसक व्यवहार स्वीकार कर चुके हैं और कुछ मामूली अपराधों की जिम्मेदारी ली है, लेकिन रेप और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर आरोपों से इनकार करते हैं। उनके वकीलों का कहना है कि वे छोटे आरोपों में दोष स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन बड़े मामलों में अदालत में अपनी सफाई देंगे।
Marius Borg Høiby पहले भी विवादित मामलों में रहे चर्चा में
राजपरिवार ने साफ़ किया कि यह मामला पूरी तरह से न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है। वहीं, Crown Princess Mette-Marit ने माना कि बीता वर्ष उनके परिवार के लिए बेहद कठिन रहा और उन्होंने विशेषज्ञों से परामर्श लिया।
शाही परिवार ने मामले से दूरी बना ली
इन आरोपों ने Norway की राजशाही की छवि को गहरा आघात पहुँचाया है। जनता में आक्रोश और बहस तेज़ हो गई है कि ऐसे हालात में राजशाही का भविष्य क्या होगा। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले के सामने आने के बाद Norway में रिपब्लिकन आंदोलनों की सदस्यता दोगुनी हो गई है। कई सर्वेक्षण बताते हैं कि जनता के बीच राजशाही को लेकर समर्थन पहले की तुलना में कम हुआ है।
