शांति मिशन प्रमुख डॉ. के.ए. पॉल ने तीसरे विश्व युद्ध की चेतावनी दी, एयर इंडिया AI-171 त्रासदी के बाद पीएम, उड्डयन मंत्री और अडानी ग्रुप की भूमिका पर उठाए सवाल
13 जून 2025. हैदराबाद
अंतरराष्ट्रीय शांति-दूत और अमेरिका स्थित ग्लोबल पीस इनिशिएटिव (GPI) के संस्थापक डॉ. के.ए. पॉल ने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर सैन्य हमले तुरंत रोकने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह आक्रामक रवैया जारी रहा तो यह पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल सकता है।
हैदराबाद स्थित प्रजा शांति पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. पॉल ने कहा, “ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला केवल एक देश पर आक्रमण नहीं, बल्कि रूस, चीन और उत्तर कोरिया जैसे देशों को उकसाने वाला क़दम है। नेतन्याहू विश्व युद्ध को न्यौता दे रहे हैं।”
डॉ. पॉल, जो पहले इज़राइल और ईरान दोनों के राज्य अतिथि रह चुके हैं, ने कहा कि इस समय मानवता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने ग़ज़ा में भूख और मानवीय संकट की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, “ग़ज़ा में 10 लाख लोग भुखमरी की कगार पर हैं। ईश्वर, इतिहास और मानवता ऐसे अत्याचार को कभी क्षमा नहीं करेंगे।”
प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. पॉल ने हाल ही में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे को लेकर भारत सरकार, विमानन मंत्रालय और अडानी ग्रुप पर भी सवाल खड़े किए और कई महत्वपूर्ण इस्तीफों व सुधारों की मांग रखी।
उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 75 वर्ष की उम्र सीमा को ध्यान में रखते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, और नेतृत्व युवा पीढ़ी को सौंपा जाना चाहिए।
- गृह मंत्री अमित शाह को अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यभार संभालना चाहिए, क्योंकि उनके पास बेहतर प्रशासनिक अनुभव है।
- नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि उनके पास विमानन से संबंधित तकनीकी अनुभव नहीं है।
- अडानी ग्रुप, जो अहमदाबाद एयरपोर्ट का संचालन कर रहा है, को प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹100 करोड़ का मुआवजा देना चाहिए, जांच पूरी होने तक यह अंतरिम राहत होनी चाहिए।
- अहमदाबाद रनवे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाए और एयरपोर्ट के आस-पास के अवैध निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
यह भी पढ़ें: विश्व रक्तदाता दिवस से पहले विधिक कार्य विभाग ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी, लगाया रक्तदान शिविर
डॉ. पॉल ने कहा कि हादसे के वक्त आपातकालीन सेवाओं की कमी, ग्राउंड हैंडलिंग में लापरवाही और बुनियादी ढांचे की कमजोरियां इस त्रासदी के गंभीर होने का कारण बनीं।
उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं 1991 से निजी विमान चला रहा हूं। विमानन एक बेहद जटिल और संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में अनुभवहीनता और लापरवाही को अनदेखा नहीं किया जा सकता।”
समाप्ति में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे सरकार, विमानन प्राधिकरण और निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर्स से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करें, ताकि भविष्य में ऐसी भयावह घटनाओं से बचा जा सके।
