अभिषेक और दिग्वेश के बीच मैदान पर हुई कहासुनी अब सोशल मीडिया तक पहुंची, बीसीसीआई ने दोनों पर की अनुशासनात्मक कार्रवाई
20 मई 2025, नई दिल्ली
आईपीएल 2025 के एक मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर दिग्वेश राठी और सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के बीच हुई एक घटना ने क्रिकेट जगत में गर्मागर्मी पैदा कर दी है। मामला उस वक्त शुरू हुआ जब राठी ने अभिषेक को आउट करने के बाद अपना प्रसिद्ध ‘नोटबुक सेलिब्रेशन’ किया। यह वही सेलिब्रेशन है जिसमें राठी विकेट लेने के बाद हवा में लिखने की एक्टिंग करते हैं — मानो वे अपनी “विकेट लिस्ट” में नाम जोड़ रहे हों।
अभिषेक शर्मा इस जश्न से नाखुश नजर आए और उन्होंने गुस्से में प्रतिक्रिया दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ कहासुनी हुई, और मामला मैदान से सोशल मीडिया तक जा पहुंचा।
मैच के तुरंत बाद अभिषेक ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा, “Signed off and sealed ✍️”, जिसे राठी पर तंज माना गया। इसके जवाब में राठी ने भी एक तस्वीर पोस्ट की और कैप्शन में लिखा, “Happy to add more names to my list” — जिससे यह साफ हो गया कि मामला अभी थमा नहीं है।
बीसीसीआई की कार्रवाई
घटना के बाद बीसीसीआई ने सख्ती दिखाते हुए दिग्वेश राठी को एक मैच के लिए सस्पेंड कर दिया, वहीं अभिषेक शर्मा पर उनकी आक्रामक प्रतिक्रिया के लिए मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया।
यह पहला मौका नहीं है जब राठी को अपने सेलिब्रेशन के लिए सज़ा मिली हो। इससे पहले भी उन्हें दो बार जुर्माना झेलना पड़ा है — एक बार 25% और दूसरी बार 50% मैच फीस का।
इस पूरी घटना ने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है — क्या गेंदबाज़ का जश्न मनाना उतना ही स्वीकार्य नहीं है जितना बल्लेबाज़ का? और अगर है, तो फिर एक को अपराध क्यों माना गया?
कुछ लोगों का मानना है कि राठी का सेलिब्रेशन एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत शैली है और उसे अपमानजनक नहीं माना जाना चाहिए, वहीं कुछ का मानना है कि इस तरह के जश्न से खेल भावना को ठेस पहुंच सकती है।
आईपीएल 2025 का यह एपिसोड यह दिखाता है कि खेल में केवल रन और विकेट ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का व्यवहार भी उतना ही अहम है। मैदान पर की गई हर हरकत आज सोशल मीडिया के जरिए पब्लिक डोमेन में पहुंच जाती है — ऐसे में खिलाड़ियों को संयम और मर्यादा के साथ पेश आना होगा।
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