10 मिनट डिलीवरी खत्म! केंद्र सरकार के दखल के बाद Blinkit ने ’10-minute’ क्लेम हटा दिया, Zepto-Swiggy-Zomato भी फॉलो करेंगे। गिग वर्कर्स की सुरक्षा और दबाव कम करने के लिए बड़ा फैसला – जानिए क्यों और क्या होगा आगे!
केंद्र सरकार के दखल के बाद Blinkit ने आज (13 जनवरी 2026) से अपने ऐप, विज्ञापनों और सोशल मीडिया से “10 मिनट डिलीवरी” का दावा पूरी तरह हटा दिया है। कंपनी अब कह रही है – “30,000+ प्रोडक्ट्स आपके दरवाजे पर”। Zepto, Swiggy Instamart और Zomato जैसी बड़ी कंपनियां भी जल्द ही ऐसा ही करेंगी।
https://x.com/Arpit_giri8619/status/2011010432287568081?s=20
क्यों लिया गया ये फैसला?
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इन कंपनियों के अधिकारियों से मीटिंग की और साफ कहा – डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा सबसे पहले! 10 मिनट का सख्त टारगेट देने से राइडर्स पर बहुत दबाव पड़ता है। भारत की ट्रैफिक वाली सड़कों पर तेज़ रफ्तार में डिलीवरी करते हुए एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है। गिग वर्कर्स को अनफेयर रेटिंग, पेनल्टी और कम इनकम की शिकायतें भी थीं।
ये कदम दिसंबर 2025 के आखिर में हुई बड़ी हड़ताल के बाद आया, जहां 2 लाख से ज्यादा डिलीवरी वर्कर्स ने 31 दिसंबर को काम बंद कर दिया था। उन्होंने “फेयर पे, डिग्निटी, सेफ्टी” और 10 मिनट वाले मॉडल को खत्म करने की मांग की थी। AAP सांसद राघव चड्ढा ने भी संसद में और एक दिन खुद Blinkit राइडर बनकर ये मुद्दा उठाया था।
https://x.com/raghav_chadha/status/2010585064737001647?s=20
सरकार का कहना है कि स्पीड से ज्यादा गिग वर्कर्स की जान-माल की सुरक्षा और बेहतर वर्किंग कंडीशंस जरूरी हैं। कंपनियां अब ब्रांडिंग बदल रही हैं, ताकि कोई फिक्स्ड टाइम लिमिट का प्रॉमिस न रहे , अब बस “तेज़” और “आसान” डिलीवरी | ग्राहकों के लिए थोड़ा इंतजार बढ़ सकता है, लेकिन राइडर्स के लिए ये बड़ी राहत होगी |
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