क्या भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी होने वाली है? हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने और मध्य-पूर्व संकट से जुड़ी वायरल अफवाहों का सच जानें। इंडियन ऑयल, HPCL, BPCL और केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
नई दिल्ली: मार्च 2026 की शुरुआत से इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और एक्स (Twitter) पर एक दावा तेज़ी से वायरल हुआ। इस दावे में कहा गया कि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी दी है, जिससे भारत में कच्चे तेल की सप्लाई रुक जाएगी और पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो सकती है।
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इस वायरल रील और मैसेज में लोगों को सलाह दी गई कि वे तुरंत पेट्रोल पंप जाकर अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करा लें और घर में अतिरिक्त ईंधन का भंडार कर लें। नतीजतन, हैदराबाद, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, लखनऊ, श्रीनगर और त्रिपुरा सहित देश के अनेक शहरों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ जगहों पर पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए बुलाना पड़ा।
क्या है वास्तविक स्थिति?
तेल कंपनियों और सरकार ने 6-7 मार्च 2026 को एक के बाद एक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह खारिज किया। तीनों प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों — इंडियन ऑयल, HPCL और BPCL — ने एक साझा स्वर में कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु है।
इंडियन ऑयल का आधिकारिक बयान
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। कंपनी ने बताया कि भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति एवं वितरण नेटवर्क सामान्य रूप से कार्यरत हैं।
पानीपत रिफाइनरी से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे, जिनके बारे में कंपनी ने स्पष्ट किया कि वहाँ श्रमिकों और ठेकेदारों के बीच एक मामूली विवाद था, जिसे सुलझा लिया गया है और रिफाइनरी का संचालन पूरी तरह सामान्य है। कंपनी ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
HPCL का आश्वासन
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने भी नागरिकों से अपील की कि वे घबराहट में पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। कंपनी ने कहा कि देशभर में ईंधन की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं तथा आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है। HPCL ने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर ईंधन की कमी को लेकर भ्रामक संदेश फैलाए जा रहे हैं जो पूर्णतः असत्य हैं।
BPCL का बयान
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भी इसी तरह का बयान जारी किया और स्पष्ट किया कि पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। BPCL पूरी तरह परिचालन में है और निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र सरकार का रुख
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या अन्य किसी ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत के पास लगभग 25 दिनों का कच्चे तेल का भंडार और इतनी ही अवधि का परिष्कृत ईंधन का स्टॉक उपलब्ध है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने 5 मार्च 2026 को एक औपचारिक बयान में पुष्टि की कि भारत के पास पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (ATF) का लगभग आठ सप्ताह का पर्याप्त भंडार है। साथ ही सरकार ने ईंधन की 24 घंटे निगरानी के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी व्यवधान की स्थिति में भारत अन्य क्षेत्रों से आपूर्ति बढ़ाने में सक्षम है। इसके अलावा, भारत 2022 से रूस से भी कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत हमेशा उपलब्ध हैं।
घबराहट में भीड़ — देशभर से आईं रिपोर्टें
हालाँकि ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं थी, सोशल मीडिया पर वायरल अफवाहों के कारण कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं।
हैदराबाद: 2 मार्च की रात तरावीह की नमाज़ के बाद बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े। कुछ लोग पानी की बोतलों में भी पेट्रोल भरते देखे गए।
महाराष्ट्र: परभणी और छत्रपति संभाजीनगर में देर रात लंबी कतारें लगीं। कुछ स्टेशनों पर धूल भरी आँधी और रविवार की छुट्टी के कारण आपूर्ति में अस्थायी देरी से अफवाहें और बढ़ गईं।
उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी के निघासन, पलिया और भीरा क्षेत्रों में ईंधन स्टेशनों पर भीड़ देखी गई।
अन्य राज्य: श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) और त्रिपुरा में भी पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी।
फैक्ट चेक निर्णय
दावा: हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत होगी और कीमतें आसमान छूएंगी।
सच्चाई: यह दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। इंडियन ऑयल, HPCL, BPCL और केंद्र सरकार ने इसे सिरे से खारिज किया है। भारत में 8 सप्ताह से अधिक का ईंधन भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
क्या करें, क्या न करें
सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर खबर को सच मान लेना और उसके आधार पर तत्काल कदम उठाना घातक हो सकता है। पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ लगाने से वास्तविक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होती है और जो कमी वास्तव में है ही नहीं, उसे एक स्वयं-पूर्ण भविष्यवाणी (self-fulfilling prophecy) बना दिया जाता है।
नागरिकों से अनुरोध है कि वे केवल इंडियन ऑयल, HPCL, BPCL और पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक बयानों पर भरोसा करें। बिना सत्यापन के कोई भी वायरल रील या मैसेज आगे न भेजें। पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सामान्य मात्रा में ही ईंधन भरवाएं। किसी भी संदिग्ध दावे को PIB Fact Check या आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करना न भूलें।
