एमईआरआई कॉलेज के डॉ. एस.के. पांडेय को मिला प्रतिष्ठित शिक्षक सम्मान

एमईआरआई कॉलेज के डॉ. एस.के. पांडेय को मिला प्रतिष्ठित शिक्षक सम्मान

थार सर्वोदय संस्थान, सिम्पली जयपुर एवं रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. एस.के. पांडेय को सम्मानित करते सोमेंद्र हर्ष, अंशु हर्ष, सुधीर माथुर एवं अन्य।

शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 6 महान विभूतियों के साथ ही देशभर के 164 शिक्षकों/अध्यापकों को थार सर्वोदय संस्थान, सिम्पली जयपुर एवं रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में 6 सितंबर को जयपुर स्थित रंगायन, जवाहर कला केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

6 महान विभूतियों को माला माथुर मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड तथा देशभर से आए 164 शिक्षकों/अध्यापकों को प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स अवॉर्ड 2025 से नवाजा गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया एजुकेटर डॉ. एस.के. पांडेय भी शामिल हैं, जो मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, एमईआरआई कॉलेज (जीजीएसआईपी विश्वविद्यालय से समबद्ध), नई दिल्ली में पत्रकारिता विभाग के एचओडी हैं।

जिन 6 महान विभूतियों को माला माथुर मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, उनमें शामिल हैं: राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर एवं एमडीएस विश्वविद्यालय, अजमेर की पूर्व वाइस चांसलर डॉ. कांता आहूजा; विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय, जयपुर के वाइस चांसलर प्रो. एन.डी. माथुर; राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में कला संकाय की पूर्व डीन प्रो. सुधा राय; राजस्थान विश्वविद्यालय में लगभग 37 वर्षों तक अध्यापक के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान करने वाली प्रो. मिनी नंदा; सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर में तीन दशकों तक गणित एवं विज्ञान की अध्यापिका रही श्रीमती पिंकी सिंह; तथा अनुराग संगीत संस्थान, जयपुर के संस्थापक श्री अजित जैन।

कार्यक्रम में प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स अवॉर्ड 2025 से जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बाड़मेर, सिरोही, पाली, दिल्ली, लखनऊ, गुजरात, जम्मू-कश्मीर से चयनित 164 शिक्षकों/अध्यापकों को सम्मानित किया गया। इनमें कई श्रेणियों के शिक्षक/अध्यापक शामिल हैं, जैसे प्री-स्कूल, सरकारी एवं निजी विद्यालय, कॉलेज, विश्वविद्यालय एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान।

सम्मान कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। सोमेंद्र हर्ष, अंशु हर्ष एवं सुधीर माथुर के सकारात्मक प्रयासों से यह कार्यक्रम सफल रहा।

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