भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट में बिहार का विजन और निवेश क्षमता प्रदर्शित, मंत्री ने किया उद्घाटन

भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट में बिहार का विजन और निवेश क्षमता प्रदर्शित, मंत्री ने किया उद्घाटन

पंप्ड स्टोरेज, सोलर प्रोजेक्ट और स्मार्ट मीटरिंग बनी मुख्य आकर्षण

पटना/नई दिल्ली: ‘फोकस स्टेट’ के रूप में बिहार ने समिट में अपनी रणनीतिक और विकासात्मक क्षमता को प्रदर्शित किया।

उद्घाटन के इस महत्वपूर्ण मौके पर ऊर्जा विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गंभीरता और महत्व को और भी बढ़ा दिया। पूरे कार्यक्रम में बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे बदलावों की झलक साफ तौर पर दिखाई दी।

यशोभूमि के हॉल संख्या 2, स्टैंड नंबर 2E51 पर स्थापित बिहार पैवेलियन इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां राज्य अपने ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों, निवेश की अपार संभावनाओं और ‘पावरिंग बिहार’ के तहत हुए ठोस कार्यों को एक सुसंगत और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत कर रहा है। यह पैवेलियन न सिर्फ उपलब्धियों का प्रदर्शन है, बल्कि भविष्य के विजन का भी एक जीवंत चित्र है।

समिट के पहले दिन जहां उद्घाटन सत्र, स्टॉल का अवलोकन और मीडिया संवाद के माध्यम से बिहार ने अपनी बात रखी, वहीं अंतरराष्ट्रीय मंत्रिस्तरीय बैठकों और सीईओ स्तर की चर्चाओं में राज्य की सक्रिय भागीदारी ने इसे वैश्विक ऊर्जा संवाद का एक अहम हिस्सा बना दिया। आने वाले दिनों में भी यह सहभागिता और गहराएगी—दूसरे दिन मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक और निवेश केंद्रित चर्चाएं होंगी, जिनमें बिहार के ऊर्जा सचिव और PwC के पार्टनर अभिजीत रे की मौजूदगी में निवेश के नए रास्तों पर विचार किया जाएगा।

तीसरे दिन संभावित निवेशकों के साथ सीधी बातचीत का मंच तैयार होगा, जहां बिहार अपनी नीतियों और संभावनाओं को विस्तार से साझा करेगा। इसी दिन ऊर्जा सचिव मीडिया के माध्यम से राज्य की ऊर्जा नीति और भविष्य की दिशा को स्पष्ट करेंगे। समिट के अंतिम दिन समापन समारोह के साथ पूरे आयोजन की उपलब्धियों और निष्कर्षों को सामने रखा जाएगा।

इस समिट में बिहार ने अपने ऊर्जा क्षेत्र के चार प्रमुख आयामों को खास तौर पर प्रदर्शित किया है, जो राज्य के बदलते स्वरूप और भविष्य की तैयारियों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के जरिए जहां ग्रिड स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं, वहीं कजरा सोलर प्रोजेक्ट विद बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति का उदाहरण बनकर सामने आया है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग के क्षेत्र में बिहार की अग्रणी भूमिका ने पारदर्शिता और उपभोक्ता सशक्तिकरण को नई दिशा दी है, जबकि पटना में प्रस्तावित पावर म्यूजियम राज्य के ऊर्जा क्षेत्र की यात्रा और तकनीकी विकास को आम लोगों तक पहुंचाने का एक अनूठा प्रयास होगा। इन परियोजनाओं के मॉडल—Greenko, L&T और Secure जैसी कंपनियों के माध्यम से—नवाचार, बड़े निवेश और तकनीकी क्षमता का समन्वय प्रस्तुत करते हैं।

कुल मिलाकर, भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में बिहार की भागीदारी सिर्फ एक औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश है—कि राज्य अब ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निवेश के लिए तैयार है। यह मंच बिहार के लिए न केवल अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का अवसर है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में अपनी नेतृत्व क्षमता को मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है।

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