भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II के लिए टिकट कैंसिलेशन के नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल किया तो पूरा पैसा डूब जाएगा। जानिए पूरी डिटेल और बचने के आसान तरीके।
नई दिल्ली: सोचिए — आपने महीनों पहले वंदे भारत स्लीपर की टिकट बुक की, सीट कन्फर्म भी हो गई। लेकिन यात्रा से कुछ घंटे पहले अचानक कोई जरूरी काम आ गया और आपने टिकट कैंसिल कर दी। पहले शायद कुछ पैसे वापस मिल जाते थे, लेकिन अब? एक भी रुपया नहीं।
जी हां, भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम ट्रेनों — वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत-II एक्सप्रेस — के लिए टिकट कैंसिलेशन के नियम इतने सख्त कर दिए हैं कि अब लापरवाही बेहद महंगी पड़ सकती है। 16 जनवरी 2026 से लागू इन नए नियमों के बारे में हर यात्री को जानना बेहद जरूरी है।
नया नियम आया कहां से?
रेल मंत्रालय ने कमर्शियल सर्कुलर नंबर 08/2026 के तहत ये बदलाव लागू किए हैं। ये नियम सिर्फ दो ट्रेनों पर लागू होते हैं — वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत-II एक्सप्रेस। राजधानी, शताब्दी या सामान्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों पर पुराने नियम ही चलते रहेंगे।
कितना कटेगा पैसा?
- 72 घंटे या उससे पहले कैंसिल करें
- सिर्फ 25% कैंसिलेशन चार्ज कटेगा और 75% रिफंड मिल जाएगा। यानी अगर टिकट ₹2000 की है तो ₹1500 वापस।
- 72 घंटे से 8 घंटे के बीच कैंसिल करें
- 50% चार्ज कटेगा। आधा पैसा गया, आधा वापस। ₹2000 की टिकट पर सिर्फ ₹1000 मिलेंगे।
- 8 घंटे से कम समय बचा हो और कैंसिल किया
- रिफंड — शून्य। पूरे पैसे डूब जाएंगे। कोई बहाना नहीं, कोई अपील नहीं।
ऑनलाइन TDR भी नहीं बचाएगा
बहुत से लोग सोचते हैं कि TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल कर देंगे तो रिफंड मिल जाएगा। लेकिन नए नियम के मुताबिक अगर TDR भी ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक फाइल नहीं हुई, तो वो भी बेकार है। यानी हर रास्ता बंद।
रेलवे ने ये नियम क्यों बनाए?
रेलवे की दलील बिल्कुल सीधी है। वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II जैसी प्रीमियम ट्रेनें लगभग 100% कन्फर्म बर्थ के साथ चलती हैं — इनमें RAC और वेटिंग लिस्ट की सुविधा न के बराबर होती है। पहले होता ये था कि लोग टिकट बुक करके छोड़ देते थे और आखिरी वक्त में कैंसिल कर देते थे। नतीजा — सीटें खाली, और जरूरतमंद यात्री बाहर। अब इस समस्या पर लगाम लगाई गई है।
सामान्य ट्रेनें बनाम प्रीमियम ट्रेनें — क्या फर्क है?
सामान्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में अभी भी ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर क्लास के हिसाब से मिनिमम चार्ज काटकर रिफंड मिल जाता है। लेकिन वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II में चार्ट 8 घंटे पहले ही तैयार हो जाता है, इसलिए रिफंड की डेडलाइन भी 8 घंटे कर दी गई है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
टिकट बुक करने से पहले प्लानिंग पक्की करें। इन ट्रेनों में “देखते हैं” वाला रवैया महंगा पड़ेगा।
प्लान बदले तो तुरंत IRCTC ऐप खोलें और बिना देर किए टिकट कैंसिल करें — जितना जल्दी करेंगे, उतना ज्यादा पैसा बचेगा।
तत्काल टिकट पर पहले ही कोई रिफंड नहीं मिलता, तो उसमें तो और भी सोच-समझकर बुकिंग करें।
रिफंड उसी पेमेंट मोड में आता है जिससे बुकिंग हुई थी — इसमें 5 से 7 दिन लग सकते हैं।
रेलवे के ये नए नियम एक तरफ ट्रेन मैनेजमेंट को बेहतर बनाते हैं, तो दूसरी तरफ यात्रियों की जेब परसीधा असर डालते हैं। अगर आपकी इन ट्रेनों में बुकिंग है, तो आज ही IRCTC ऐप खोलिए, अपनी टिकट चेक कीजिए और यात्रा की तारीख पक्की कर लीजिए
