बुर्का न पहनने और बिना इजाजत मायके जाने पर ‘इज्जत’ के नाम पर हत्या।
उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गढ़ी दौलत गांव में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। 37 साल के मोहम्मद फारुख ने अपनी 32 साल की पत्नी ताहिरा और दो बेटियों आफरीन (14) व सहरीन (7) की हत्या कर दी। वजह? एक महीने पहले ताहिरा बिना बुर्का/हिजाब पहने मायके गई थीं, जिससे फारुख को अपनी ‘इज्जत’ को ठेस पहुंची।
क्राइम की प्लानिंग और वारदात कैसे हुई?
फारुख ने पहले से योजना बनाई – सेप्टिक टैंक बनाने के बहाने 9 फीट गहरा गड्ढा खोदवाया और कट्टा (देशी पिस्टल) खरीदा। 9-10 दिसंबर की रात को चाय बनाने के बहाने ताहिरा को जगाया, बाहर ले जाकर गोली मार दी। बड़ी बेटी आफरीन ने रोकने की कोशिश की तो उसे भी पीटा और गोली मार। छोटी सहरीन को गला घोंटकर मार डाला। इसके बाद तीनों शवों को गड्ढे में डालकर मिट्टी से ढक दिया और मजदूरों से सीमेंट करवाया।
पांच दिन तक ऐसे जिया जैसे कुछ हुआ ही न हो
वारदात के बाद फारुख घर में नॉर्मल जिंदगी जीता रहा। बेटों से कहा कि मां-बहनें शामली में किराए के मकान में चली गईं। लेकिन ताहिरा के भाई को शक हुआ। छह दिन बाद 16 दिसंबर को पुलिस को अलर्ट किया गया। खुदाई में शव, पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में फारुख टूट गया और कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
शामली एसपी एनपी सिंह ने बताया कि फारुख गिरफ्तार है, ट्रिपल मर्डर का केस दर्ज। ताहिरा के परिजनों ने हंगामा किया और आरोपी पर हमला करने की कोशिश की। गांव में अतिरिक्त पुलिस तैनात। पोस्टमॉर्टम के लिए शव भेजे गए। ये वारदात घरेलू विवाद और कथित ‘ऑनर’ की आड़ में हुई बर्बरता की मिसाल है।
यह भी पढ़े : दिल्ली में क्रिसमस से पहले ठंड और कोहरे का कहर, प्रदूषण में राहत की उम्मीद
