सुशील मोदी का निधन, विशेष विमान से पटना लाया गया शव, राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

सुशील मोदी का निधन, विशेष विमान से पटना लाया गया शव, राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

सुशील मोदी का पार्थिव शरीर आज पटना स्थित उनके राजेंद्र नगर आवास पर लाया जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। सुशील मोदी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पटना विश्वविद्यालय में एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में की थी।

14 मई 2024, पटना

बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने 72 वर्ष की आयु में बीती रात दिल्ली के AIIMS अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। सुशील मोदी का पार्थिव शरीर आज उनके पटना के राजेंद्र नगर आवास पर लाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशील कुमार मोदी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुशील कुमार मोदी का पार्थिव शरीर विशेष विमान से दिल्ली से पटना लाया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, सुशील मोदी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। सीएम ने उनकी पत्नी जेसी जॉर्ज से टेलीफोन पर बात कर सांत्वना भी दी।

पीएम मोदी और अमित शाह ने भी सुशील मोदी के निधन पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि पार्टी में अपने मूल्यवान सहयोगी और दशकों से मेरे मित्र रहे सुशील मोदी के असामयिक निधन से अत्यंत दुख हुआ है। बिहार में बीजेपी के उत्थान और सफलताओं के पीछे उनका अमूल्य योगदान रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी जी के निधन की सूचना से आहत हूं। बिहार ने राजनीति के एक महान पुरोधा को हमेशा के लिए खो दिया है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी उनके निधन पर शोक प्रकट किया। सम्राट चौधरी ने कहा कि सुशील मोदी का निधन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह बिहार की राजनीति के लिए अपूर्णीय क्षति है। वे पार्टी को मजबूत करने वाले और दिशा देने वाले नेता थे। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वे उनके बड़े भाई के समान थे। उन्होंने छात्र संघ में साथ काम किया, जेल में साथ रहे और लाठी भी खाई। जब लालू प्रसाद अपने पराकाष्ठा पर थे, उस समय उनके खिलाफ खड़े होने वाले सुशील मोदी ही थे। उनकी हिम्मत से बिहार की राजनीति को नई दिशा मिली। बिहार बीजेपी को आगे बढ़ाने में उनकी बड़ी भूमिका थी। उनकी यह जाने की उम्र नहीं थी।

सुशील मोदी 30 साल से अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहे। इस दौरान वे विधायक, विधान परिषद सदस्य, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा के सदस्य रहे। वह दो बार बिहार के उप मुख्यमंत्री भी रहे। सुशील मोदी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पटना विश्वविद्यालय में एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में की थी।

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