बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर HRDS INDIA का तीखा आक्रोश, न्याय और जवाबदेही की उठी मजबूत मांग

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर HRDS INDIA का तीखा आक्रोश, न्याय और जवाबदेही की उठी मजबूत मांग

HRDS INDIA ने बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या की निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और हिंदू सभ्यतागत मूल्यों की सुरक्षा की मांग की।

नई दिल्ली | 22 दिसंबर 2025

HRDS INDIA ने बांग्लादेश में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन ने इस घटना को मानवता, कानून के शासन और सभ्यतागत मूल्यों पर सीधा हमला बताते हुए न्याय, जवाबदेही और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

बताया गया है कि दीपु चंद्र दास, जो एक गारमेंट फैक्ट्री में कार्यरत थे, पर कथित रूप से ईशनिंदा का आरोप लगाया गया। इसके बाद सहकर्मियों और भीड़ ने उन्हें सड़क पर घसीटते हुए बेरहमी से मार डाला। यह घटना ढाका के बाहरी इलाके में स्थित एक गारमेंट फैक्ट्री के पास हुई।

1995 से ग्रामीण और जनजातीय विकास के क्षेत्र में कार्यरत HRDS INDIA का कहना है कि किसी भी धर्म या आरोप के नाम पर की गई हिंसा अस्वीकार्य है और ऐसे मामलों से कानून के तहत कठोरता से निपटा जाना चाहिए।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए HRDS INDIA के अध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरु स्वामी आत्मा नंबी ने संयम, न्याय और करुणा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंसा समाज की नैतिक और आध्यात्मिक नींव को कमजोर करती है और ऐसे समय में विवेक, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलना ही सभ्य समाज की पहचान है।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर HRDS INDIA का तीखा आक्रोश, न्याय और जवाबदेही की उठी मजबूत मांग

वहीं, HRDS INDIA के संस्थापक-सचिव अजी कृष्णन ने इस घटना को बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी लक्षित हिंसा का हिस्सा बताते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हिंदू नागरिकों की सुरक्षा में बार-बार हो रही विफलताओं पर अब ठोस और दंडात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, केवल कूटनीतिक बयान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय और नीतिगत स्तर पर स्पष्ट कार्रवाई होनी चाहिए।

HRDS INDIA ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच, दोषियों को कड़ी सजा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है। संगठन ने आम नागरिकों से भी शांति बनाए रखते हुए संवैधानिक और मानवीय मूल्यों के साथ न्याय की आवाज बुलंद करने की अपील की है।

संगठन ने दोहराया कि वह सामाजिक न्याय, मानव गरिमा, राष्ट्रीय सद्भाव और कानून आधारित शासन के पक्ष में मजबूती से खड़ा रहेगा और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *