रामचरितमानस और पंचतंत्र को UNESCO की तरफ से मिली मान्यता,’मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड’ एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर में होंगे शामिल

15 मई 2024 , नई दिल्ली

रामचरित मानस, पंचतंत्र और सह्रदयलोक-लोकन को यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन (UNESCO) ने वैश्विक मान्यता दी है। इन लेखों को मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर (MOWCAP) में रखा गया है।

इस लिस्ट में विश्वव्यापी महत्व और विश्वविद्यालयीय मूल्य के आधार पर विश्व मेमोरियल (MoW) इंटरनेशनल एडवाइजरी और एग्जीक्यूटिव बोर्ड द्वारा संग्रहित दस्तावेजों को शामिल किया गया है। रीजनल रजिस्टर में शामिल दस्तावेजों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। साथ ही, एक देश की संस्कृति विश्व भर में फैलती है।

इन रचनाओं को 38 देशों ने मान्यता दी:

दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स (IGNCA) ने इन कलाकृतियों को राज्य रजिस्टर में नामांकित किया। IGNCA कला विभाग के HOD प्रोफेसर रमेश चंद्र गौड़ ने उलनाबटार में MOWCAP की बैठक में इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि UNESCO के 38 सदस्यों और 40 ऑब्जर्वर देशों ने इन साहित्यिक रचनाओं के वैश्विक महत्व को पहचान कर इन्हें मान्यता दी है। उनका कहना था कि इस उपलब्धि से भारतीय संस्कृति का प्रसार और संरक्षण होगा। IGNCA ने पहली बार राज्य रजिस्टर के लिए आवेदन भेजा था। जो दस बैठकों के बाद स्वीकार हुआ।

संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि रामचरितमानस, पंचतंत्र और सह्रदयलोक-लोकन ने भारतीय साहित्य और संस्कृति को बहुत प्रभावित किया है। इन साहित्यिक कृतियों ने भारत के बाहर के लोगों को भी प्रभावित किया है। यूनेस्को ने इन लेखों को मान्यता दी, जो भारत की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को गौरव की बात है। साथ ही, यह सम्मान भारतीय संस्कृति को बचाने में मदद करेगा।

गोस्वामी तुलसीदास ने अवधी भाषा में रामचरितमानस लिखा, जो भगवान राम के जीवन पर आधारित है। पंचतंत्र मूल रूप से संस्कृत भाषा में लिखा गया है, जिसमें दंत और लोक कथाएं शामिल हैं, इस विष्णु शर्मा ने लिखा है। वहीं आचार्य आनन्दवर्धन ने सहृदयलोक-लोकन को संस्कृत में लिखा था।

Anjali Choudhary

Related Posts

अयोध्या: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित का 86 साल की उम्र में देहांत

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित का निधन हो गया। 86 वर्षीय लक्ष्मीकांत दीक्षित लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। वह वाराणसी…

Read more

चौथा राष्ट्रीय अटल अवार्ड: विभिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय योगदान के लिए उत्कृष्टता को किया गया सम्मानित

भाजपा के वरिष्ठ नेता और हिमाचल प्रदेश के प्रभारी, अभिनाश राय खन्ना बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए। 37 लोगों को दिया गया यह सम्मान नई दिल्ली, 21 जून, 2024: दिल्ली में…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

अयोध्या: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित का 86 साल की उम्र में देहांत

अयोध्या: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित का 86 साल की उम्र में देहांत

रामचरितमानस और पंचतंत्र को UNESCO की तरफ से मिली मान्यता,’मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड’ एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर में होंगे शामिल

रामचरितमानस और पंचतंत्र को UNESCO की तरफ से मिली मान्यता,’मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड’ एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर में  होंगे शामिल

बीकानेर हाउस में आयोजित नौ दिवसीय ‘राजस्थान उत्सव-2024 में राजस्थानी हस्तशिल्प मेले का हुआ समापन

बीकानेर हाउस में आयोजित नौ दिवसीय ‘राजस्थान उत्सव-2024 में राजस्थानी हस्तशिल्प मेले का हुआ समापन

सड़क पर नमाज पढ़ रहे लोगों को पीटने वाला पुलिसकर्मी निलंबित: लोगों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

सड़क पर नमाज पढ़ रहे लोगों को पीटने वाला पुलिसकर्मी निलंबित: लोगों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

बैद्यनाथ धाम के पंचशूल में छिपी हैं कुछ अनसुनी कहानियां जानिए वहां क्या है खास ?

बैद्यनाथ धाम के पंचशूल में छिपी हैं कुछ अनसुनी कहानियां जानिए वहां क्या है खास ?

महाशिवरात्रि पर बैद्यनाथ धाम में भक्तों की भरमार, हर-हर महादेव की जय जयकार! ; देर शाम को निकलेगी शिव बारात

महाशिवरात्रि पर बैद्यनाथ धाम में भक्तों की भरमार, हर-हर महादेव की जय जयकार! ; देर शाम को निकलेगी शिव बारात