पीएम मोदी के लिए ‘मिशन दक्षिण’ क्यों है?

प्रधानमंत्री मोदी का विजय अभियान: दक्षिण भारत में धूमधाम से रैलियां और 120 घंटे की मेहनत

18 मार्च 2024, नई दिल्ली

पीएम नरेंद्र मोदी के विजय अभियान के बारे में यह कहना गलत नहीं होगा कि वे दक्षिण भारत की ओर अपना ध्यान बढ़ा रहे हैं। दक्षिण भारत में चुनावी मैदान बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वहां जीत प्राप्त करना भी कठिन है। प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण भारत की 129 लोकसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित किया है और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है।

उनके अभियान का आगाज़ आंध्र प्रदेश से हुआ, जहां प्रधानमंत्री ने उत्साही रैली में भाग लिया और लोगों को अपने विकास के लक्ष्यों के बारे में बताया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के खिलाफ बड़े दावे किए और लोगों को विकास के संबंध में उनकी सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी दी।

बीजेपी के गठबंधन के साथ आंध्र प्रदेश में बीजेपी की स्थिति मजबूत हो गई है और इससे प्रधानमंत्री को भारी लाभ हो सकता है। उन्होंने तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और कर्नाटक में भी अपने अगले चरण के लिए योजना बनाई है और लोगों के बीच अपने संदेश को पहुंचाने के लिए तैयार हैं।

इसी बीच, बीजेपी के कर्नाटक में मजबूत प्रदर्शन ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है और वे इस राज्य में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं।

इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी को अद्भुत कम्युनिकेटर के रूप में भी जाना जाता है, जो उनकी रैलियों और भाषणों में स्पष्टता और संवेदनशीलता का प्रदर्शन करते हैं। उनके संदेश का लोगों तक पहुंचना उनकी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण है और उन्होंने इसके लिए अपने अभियान को बहुत ही महत्वपूर्ण बनाया है।

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