रूसी महिला, इजरायली प्रेमी और भारत में जन्मीं बेटियां: प्यार से शुरू, कस्टडी विवाद में खत्म!

रूसी महिला, इजरायली प्रेमी और भारत में जन्मीं बेटियां: प्यार से शुरू, कस्टडी विवाद में खत्म!

गोकर्णा की पहाड़ियों में गुफा में रह रहीं थीं रूसी मां और दोनों बेटियां, पुलिस ने किया रेस्क्यू

नई दिल्ली, 18 जुलाई 2025

एक अंतरराष्ट्रीय प्रेम कहानी — जिसमें एक रूसी महिला और एक इस्राइली पुरुष शामिल हैं — अब दो मासूम बच्चियों की कस्टडी विवाद और गुमशुदगी की जांच का विषय बन गई है। मामला गोवा में दर्ज एक पुलिस शिकायत से उजागर हुआ है, जिसमें इस्राइली नागरिक डॉर गोल्डस्टीन ने अपनी दोनों बेटियों की मां, रूसी नागरिक नीना कुटीना पर उन्हें बिना सूचना के कर्नाटक के गोकर्णा ले जाने का आरोप लगाया है।

गोल्डस्टीन ने 14 दिसंबर 2024 को गोवा के पणजी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहली मुलाकात नीना से अक्टूबर 2017 में अरामबोल, गोवा में हुई थी, जहां दोनों एक-दूसरे के प्रति आकर्षित हुए और साथ रहने लगे। उस समय नीना अपने पिछले रिश्ते से दो बेटों के साथ रहती थीं।

गोल्डस्टीन के अनुसार, शुरुआत में उनका रिश्ता अच्छा रहा, लेकिन बाद में नीना का व्यवहार बदल गया और वह उनसे अक्सर पैसे की मांग करती थीं। मई 2018 में गोल्डस्टीन ने नीना और उसके बेटों के लिए इज़राइल की यात्रा की व्यवस्था की, लेकिन वीज़ा व दस्तावेजों की समस्या के कारण नीना को रूस वापस भेज दिया गया, और वह बाद में यूक्रेन में रहने लगीं।

जून 2018 में नीना ने उन्हें ईमेल करके बताया कि वह गर्भवती हैं। उसी साल यूक्रेन में उनकी पहली बेटी का जन्म हुआ। मार्च 2019 में गोल्डस्टीन और उनकी मां बेटी से मिलने यूक्रेन गए। इसके बाद वे नीना और बेटी के साथ कोस्टा रिका भी गए, लेकिन फिर गोल्डस्टीन व्यक्तिगत कारणों से इज़राइल लौट आए। जनवरी 2020 में नीना और उनकी बेटी भारत लौट आईं और गोवा में रहने लगीं। मई 2020 में उनकी दूसरी बेटी का जन्म हुआ।

गोल्डस्टीन ने दावा किया कि उन्होंने लगातार आर्थिक मदद की, लेकिन नीना के व्यवहार की वजह से वे भारत नहीं आना चाहते थे। दिसंबर 2021 में वे बेटियों से मिलने भारत आए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीना बेटियों को औपचारिक शिक्षा से दूर रखती थीं और उन्हें स्कूल भेजने के खिलाफ थीं।

उनका कहना है कि जैसे-जैसे उन्होंने गोवा में बेटियों से मिलने की कोशिशें बढ़ाईं, नीना उनसे कटने लगीं और बेटियों को उनसे दूर रखने लगीं। अक्टूबर 2024 में नीना के पहले रिश्ते से बेटे की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई। आर्थिक संकट के समय गोल्डस्टीन ने होटल में उनके लिए कमरा बुक करवाया, लेकिन उन्हें अपनी बेटियों से मिलने नहीं दिया गया।

6 नवंबर को गोल्डस्टीन नेपाल वीज़ा रिन्यू करने गए और 22 नवंबर को भारत लौटने पर पाया कि नीना और बेटियां गायब थीं। उन्होंने शिकायत में बताया कि उन्हें बाद में जानकारी मिली कि नीना बच्चियों को गोकर्णा ले गई थीं और एक गुफा में रह रही थीं।

कर्नाटक पुलिस ने हाल ही में नीना और उसकी बेटियों को उत्तर कन्नड़ जिले के रमतिर्था पहाड़ियों में एक गुफा से रेस्क्यू किया। अब गोल्डस्टीन बच्चियों की संयुक्त कस्टडी चाहते हैं और उन्हें रूस डिपोर्ट न करने की अपील कर रहे हैं।

पणजी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद गोल्डस्टीन को कुछ तथ्यों की पुष्टि के लिए बुलाया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुए।

यह मामला अब बाल कल्याण, विदेश विभाग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की नजर में है। मामला जितना व्यक्तिगत लगता है, उतना ही यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।

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