सादिया इमाम ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और आर्थिक हालात पर सरकार को घेरा। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
नई दिल्ली: पाकिस्तान में लगातार बढ़ती पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों को लेकर अब नाराज़गी खुलकर सामने आने लगी है। इस बार यह आवाज़ आम जनता ही नहीं, बल्कि मनोरंजन जगत से भी उठी है। मशहूर अभिनेत्री और टीवी होस्ट सादिया इमाम ने महंगाई और आर्थिक हालात को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने देश की नीतियों और नेताओं पर कई सवाल खड़े किए हैं।
आमतौर पर राजनीतिक मुद्दों से दूरी बनाए रखने वाली सादिया इमाम इस बार बढ़ती महंगाई से बेहद नाराज़ दिखीं हैं। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, तो पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें लगातार क्यों बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पहले से मौजूद स्टॉक के बावजूद नई कीमतें क्यों लागू की जा रही हैं।
उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि अगर मौजूदा नेतृत्व हालात संभाल नहीं पा रहा है, तो नई सोच और नई पीढ़ी को मौका देना चाहिए। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
बढ़ती कीमतें और आर्थिक दबाव
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में पेट्रोल (Pakistan Fuel crisis) की कीमत 321 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुकी है, जबकि हाई-स्पीड डीजल भी 330 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गया है। हाल ही में सरकार ने वैश्विक दबाव के बावजूद कीमतों में और बढ़ोतरी को सीमित करने की कोशिश की, लेकिन आम लोगों पर बोझ लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ चल रहे कार्यक्रम और बढ़ते कर्ज के कारण सरकार के पास राहत देने की गुंजाइश कम है।
पड़ोसी देशों का हवाला
सादिया इमाम ने अपने वीडियो में पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कुछ देशों ने कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी से बचाव किया है, वहीं पाकिस्तान में आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर सस्ते विकल्प मौजूद होने के बावजूद महंगे स्रोतों से तेल खरीदा जा रहा है।
नेताओं पर सीधे सवाल
वीडियो में उन्होंने कई प्रमुख नेताओं का नाम लेते हुए तंज कसा और पूछा कि आखिर जनता की परेशानी पर उनकी चुप्पी क्यों है। उन्होंने कहा कि भाषण देना आसान है, लेकिन असली चुनौती लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को हल करना है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
सादिया इमाम का यह वीडियो कुछ ही घंटों में लाखों लोगों तक पहुंच गया हैं। कई यूजर्स ने इसे “जनता की आवाज” बताया, जबकि कुछ ने उनके बयान को ज्यादा तीखा करार दिया। फिलहाल सरकार या संबंधित नेताओं की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सादिया इमाम का यह बयान केवल एक सेलिब्रिटी की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उस व्यापक असंतोष की झलक है जो देश के आम लोगों के बीच तेजी से बढ़ रहा है। अब देखना होगा कि यह मुद्दा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहता है या नीति स्तर पर भी कोई बदलाव लाता है।
