75 साल की उम्र में भी दिल में वही जज़्बा — सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती चंपा सिंह ने नए जोश से मनाया अपना जन्मदिन

75 साल की उम्र में भी दिल में वही जज़्बा — सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती चंपा सिंह ने नए जोश से मनाया अपना जन्मदिन

महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा की सजग प्रहरी डॉ. चंपा सिंह के सामाजिक योगदान को नई दिल्ली में सम्मानपूर्वक याद किया गया

18 जून 2025, नई दिल्ली

महिलाओं के अधिकार और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने वाली जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती चंपा सिंह ने मंगलवार को अपना 75वां जन्मदिन नई दिल्ली के अशोक होटल में मनाया। यह अवसर परिवारजनों और चुनिंदा विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जो उनके सामाजिक योगदान को सम्मानित करने के लिए एकत्र हुए।

श्रीमती सिंह ने वंचित समुदायों में महिलाओं को सशक्त बनाने और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वर्षों तक जमीनी स्तर पर कार्य किया है। उनके प्रयासों ने कई बच्चियों को पढ़ाई जारी रखने का हौसला दिया और महिलाओं को कठिन परिस्थितियों में अपनी आवाज़ उठाने की ताकत दी है।

उनकी सेवा भावना की जड़ें उनके पारिवारिक संस्कारों से भी जुड़ी हैं। श्रीमती चंपा सिंह भारत के पहले संसदीय कार्य एवं सूचना-प्रसारण मंत्री सत्य नारायण सिन्हा की भतीजी हैं। श्री सिन्हा ने 1948 से 1969 तक बिहार की समस्तीपुर (तत्कालीन दरभंगा) लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया और बाद में 1971 से 1977 तक मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।

इस खास मौके पर केंद्रीय विधि सचिव अंजू राठी राणा और उनके पति आर. एस. राणा (प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के लोक अभियोजक) ने भी उपस्थित होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

राकेश कुमार सिंह की पत्नी एवं दिल्ली राज्य पैरा ओलंपिक समिति की अध्यक्ष श्रीमती पारुल सिंह भी समारोह में उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दिन श्रीमती सिंह के प्रेरणादायी जीवन की गरिमामयी झलक है।

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इस दौरान अपने विचार साझा करते हुए श्रीमती चंपा सिंह ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे छोटे-छोटे कदम इतने लोगों के जीवन को छू पाएंगे। 75 की उम्र में भी मैं खुद को पहले से कहीं अधिक समर्पित महसूस करती हूं, उन आवाज़ों के लिए जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं, खासकर महिलाएं और बच्चे, जिन्हें आगे बढ़ने के पूरे अवसर मिलने चाहिए।”

इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार सिंह ने कहा, “मेरी मां ने अपने धैर्य, अनुशासन और स्नेह से न सिर्फ हमारे परिवार को आकार दिया, बल्कि समाज के कई लोगों के जीवन को भी छुआ। यह जन्मदिन केवल एक उम्र का आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके सफर और हमारे लिए उनके मायने की गहरी याद है।”

समारोह में केक काटने के साथ-साथ अतिथियों के बीच आत्मीय संवाद और एक पारिवारिक रात्रिभोज का आयोजन हुआ।

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