जनसंख्या और क्षेत्रफल में ईरान आगे, लेकिन आधुनिक सैन्य तकनीक और खुफिया ताकत में इजरायल को रणनीतिक बढ़त
नई दिल्ली, 15 जून 2025
मिडिल ईस्ट एक बार फिर भयानक टकराव की कगार पर है। इजरायल द्वारा तेहरान और उसके आसपास मिसाइल हमले किए जाने के बाद ईरान ने भी पलटवार करते हुए तेल अवीव और यरुशलम को निशाना बनाया है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और हालात अब पूर्ण युद्ध की दिशा में बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
इस भू-राजनीतिक संकट के बीच बड़ा सवाल यह है—अगर ईरान और इजरायल के बीच युद्ध छिड़ता है, तो किसकी सैन्य और रणनीतिक ताकत किस पर भारी पड़ेगी?
आकार और आबादी में ईरान भारी
भूगोल और जनसंख्या के लिहाज से ईरान, इजरायल से कहीं बड़ा है।
- ईरान: क्षेत्रफल – 16 लाख वर्ग किलोमीटर | जनसंख्या – 8.8 करोड़
- इजरायल: क्षेत्रफल – 22,000 वर्ग किलोमीटर | जनसंख्या – 90 लाख
लेकिन सिर्फ आकार की बढ़त ही निर्णायक नहीं होती।
सेना की संख्या बनाम युद्ध क्षमता
ईरान के पास मजबूत पारंपरिक सेना है।
- 6 लाख नियमित सैनिक
- 2 लाख से अधिक जवानों वाला इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)
वहीं, इजरायल की सेना छोटे आकार में भी दक्ष और आधुनिक तकनीकों से लैस है। इजरायल की सेना साइबर युद्ध, एयर स्ट्राइक और खुफिया अभियानों में विश्वस्तरीय मानी जाती है।
कमांडरों की मौत से ईरान को नेतृत्व में झटका
हाल ही में इजरायली हमलों में ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
- IRGC प्रमुख जनरल होसैन सलामी
- ईरानी सेना प्रमुख जनरल मोहम्मद बाघेरी
इन हत्याओं ने ईरान की सैन्य योजना और नेतृत्व क्षमताओं पर गहरा असर डाला है।
तकनीकी ताकत में इजरायल को बढ़त
ईरान अभी भी 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले मिले अमेरिकी हथियारों और कुछ रूसी प्रणालियों पर निर्भर है। आधुनिक हथियार सीमित हैं।
दूसरी ओर, इजरायल के पास हैं:
- Iron Dome और David’s Sling जैसे अत्याधुनिक रक्षा सिस्टम
- फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट्स
- उपग्रह और ड्रोन टेक्नोलॉजी
- अत्यधिक कुशल खुफिया एजेंसियां (मोसाद जैसी)
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ड्रोन वारफेयर में ईरान की उपस्थिति
ईरान का घरेलू ड्रोन प्रोग्राम, खासकर Shahed ड्रोन्स, हाल के वर्षों में प्रभावशाली रहा है। ये ड्रोन्स उसने रूस को यूक्रेन युद्ध में भी उपलब्ध कराए थे।
हालांकि, इजरायल के पास ड्रोन डिटेक्शन और इंटरसेप्शन में बेजोड़ क्षमता है, जो ईरानी प्रयासों को नाकाम कर सकती है।
जहां ईरान आकार और जनसंख्या में इजरायल से बड़ा है, वहीं इजरायल की आधुनिक सैन्य तकनीक, साइबर ताकत, खुफिया नेटवर्क और वैश्विक सहयोग उसे रणनीतिक रूप से काफी मजबूत बनाते हैं।
अगर युद्ध लंबा चलता है और क्षेत्रीय शक्तियां इसमें शामिल होती हैं, तो समीकरण बदल सकते हैं। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इजरायल की स्थिति कहीं अधिक प्रभावशाली और निर्णायक दिखाई दे रही है।
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