ईरान ने तांगसिरी की मौत की पुष्टि करते हुए इजराइल को चेतावनी दी। होर्मुज जलडमरूमध्य और तबरिज हमले के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने पहली बार पुष्टि की है कि हालिया इजराइली हमले में उसकी रिवोल्यूशनरी गार्ड नेवी के प्रमुख Alireza Tangsiri की मौत हो गई है। यह हमला कुछ दिन पहले हुआ था, लेकिन अब जाकर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी किया है।
ईरान का सख्त संदेश-‘हर लड़ाका एक तांगसिरी’
IRGC ने अपने बयान में तांगसिरी को “शहीद” बताते हुए उनके योगदान को याद किया और कहा कि उन्होंने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई हैं।
साथ ही ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस नुकसान से उसकी सैन्य ताकत कमजोर नहीं होगी। “हर लड़ाका एक तांगसिरी है” जैसे बयान को विशेषज्ञ ईरान की ओर से सख्त और आक्रामक संकेत के रूप में देख रहे हैं।
इजराइल का दावा और हमले की जानकारी
Israel ने पहले ही दावा किया था कि बंदर अब्बास में किए गए एक सटीक हमले में तांगसिरी और कई अन्य सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया। इस हमले की पुष्टि इजराइली नेतृत्व के साथ-साथ United States Central Command ने भी की थी। ईरानी मीडिया के अनुसार, हमले में घायल होने के बाद तांगसिरी ने दम तोड़ा।
ईरान की कड़ी चेतावनी
इस घटनाक्रम से पहले ही ईरान ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी थी कि अब उनके सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों के निजी ठिकाने भी निशाने पर हो सकते हैं। यह बयान साफ करता है कि संघर्ष अब और ज्यादा तीखा हो सकता है।
इसी बीच Tabriz के एक पेट्रोकेमिकल प्लांट में भी विस्फोट और आग लगने की खबर सामने आई है। हालांकि किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्या है बड़ा असर?
तांगसिरी की मौत को इस संघर्ष का अहम मोड़ माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का असर वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ एक सैन्य नुकसान नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में और तेज टकराव का संकेत है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह स्थिति अहम है, क्योंकि तेल आयात इस क्षेत्र पर काफी हद तक निर्भर करता है। हालात अभी शांत होने के बजाय और ज्यादा गंभीर होते दिख रहे हैं, और दोनों पक्षों की ओर से सख्त रुख जारी है।
