पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी हमास को चेतावनी, युद्धविराम प्रस्ताव पर जल्द निर्णय के संकेत; अब्राहम समझौते को लेकर भी चर्चा में आए
4 जुलाई 2025, नई दिल्ली
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने इजरायल-गाजा संघर्ष के खत्म होने की एक नई उम्मीद जगा दी है। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अगले 24 घंटों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि फलस्तीनी संगठन हमास युद्धविराम प्रस्ताव को मानता है या नहीं।
ट्रंप ने कहा कि इजरायल इस प्रस्ताव की शर्तों को स्वीकार कर चुका है, जिसमें 60 दिनों के लिए संघर्षविराम शामिल है। इस दौरान दोनों पक्षों को युद्ध को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
हमास की शर्तें और इजरायल की प्रतिक्रिया
हमास के करीबी सूत्रों ने बताया कि संगठन ने अमेरिकी मध्यस्थता से तैयार किए गए युद्धविराम प्रस्ताव में एक स्पष्ट गारंटी की मांग की है — कि इससे गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई का अंत हो जाएगा। हालांकि, इजरायल के अधिकारियों ने कहा है कि प्रस्ताव के कुछ बिंदुओं पर अभी बातचीत चल रही है।
गाजा में जारी मानवीय संकट
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार को इजरायली हमलों में कई फलस्तीनी नागरिकों की जान गई। अक्टूबर 2023 से अब तक युद्ध में 56,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। गाजा की लगभग पूरी आबादी विस्थापित हो चुकी है और क्षेत्र भुखमरी व मानवीय त्रासदी की चपेट में है। इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नरसंहार और युद्ध अपराधों के आरोप हैं, जिन्हें वह खारिज करता है।
अमेरिकी नियंत्रण का प्रस्ताव और वैश्विक आलोचना
ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में गाजा पर अमेरिकी प्रशासन का सुझाव दिया था, जिसे संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार संगठनों और फलस्तीनी नेताओं ने सिरे से नकार दिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस विचार की तीव्र आलोचना हुई थी।
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अब्राहम समझौते पर नई पहल
ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान से अब्राहम समझौते के विस्तार को लेकर बातचीत की है। यह समझौता पहले ट्रंप प्रशासन के दौरान इजरायल और खाड़ी देशों के बीच सामान्य संबंधों को लेकर हुआ था। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में और देश इस समझौते में शामिल हो सकते हैं।
क्या थमेगी वर्षों पुरानी लड़ाई?
अब दुनिया की नजरें अगले 24 घंटों पर टिकी हैं। यदि हमास प्रस्ताव स्वीकार करता है, तो यह दशकों से चले आ रहे इजरायल-फलस्तीन संघर्ष में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि, स्थायी शांति की उम्मीद में अभी कई राजनैतिक और कूटनीतिक पेच बाकी हैं।
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